लोक शाही देशमे सभीको सविधान और कानूनके मुताबिक रहना जरुरी है ?
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कोई भी जज अपनी खुदकी ऐयासी या सुखाकारिका आर्डर नही दे शकता ? उनको सविधानके मुताबिक जो तय हुवा है और जिस तरह मिलताहै ठीक उसीकीतरह लेना होगा देशमे रहनेवाले लोग सभी एक सामान है कोई स्पेशल नहीं है ? मात्र ड्यूटी पर
जो सुविधा तय की है वो ही मिलनी चाहिए ? रिटायर के दरमियान भी जो तय किया है
जिस तरह तय किया है जो आम सर्विसमेनको रिटायर टरमियाँ मिलताहै ठीक उसी तरह जजिसको भी मिलना चाहिए कोईं प्रायर यानी रिटायरसे पहले कोई भी सावलियत या सुखाकारी या हक़ उसके रिटायर के बाद मिलना चाहिए नहीं पहले ?
जो आम कर्मचारी छोटा या बड़ा रिटायर होता है और मिलता है ठीक वैसे ही मिलना चाहिए ,कोई राजा महाराजा नहीं है ये लोकशाही देश है सबको सामान अधिकार है
उन्होंने लोगोको न्याय देनेमे कितनी देर की है लोगोके जीवन बर्बाद हो गए है और
पढ़ी दर पढ़ी उनके चप्पल की जोडिया तूट गई है और कई जगह तो उनके वारस दार
भी बर्बाद होगये के एक्साम्प्ल है २०,३० से ४० और उस से भी अधिक समय गुजर
जानेके बाद भी न्यायकि कोई गेरंटी नहीं होती है ? और इन जजिसको रिटायर के
पहले तुतंत सभी सुविधा चाहिए ? ये कौनसा न्याय है ? क्या सर्विस के दरमियान उन्होंने
सरकारी सेलेरी या सुख सुविधा नहीं ली है ? क्या कोई होनररी सेवा दी है ? क्या जीवन
दरमियान मुफ्तमे काम किया है ? उनकी सर्विस दरमियान गरीब से गरीब लोगोके
टेक्सके पैसो काम किया है ? एक सामान्य नौकरी कनेवालेको कितनी परीक्षामेसे
गुजरना पड़ता है ? क्या उनके लिए ऐसे कोई कानूनन प्रवदशान है ? क्या कोई आम
जनता उनसे सवाल नहीं कर शकता ? उनको उनकी पोस्ट मुताबिक मान सम्मान देना
वो प्रजाकी फर्ज है और प्रजा बिचारि वो निभा रही है ? उनको अपने सर जुकाके मान
सम्मान देती रही है इस देश में लोक शाही है नहीं की राजाशाही और बहुमति लोगोसे
कार्य व्यवस्था चलती है उनको कब्जेमें करनेकी कोई कानूनन चेष्टा न होनी चाहिए ?
जय हिन्द जय माँ भारती मुझे माफ़ करना अगर किसीके दिलको ठेस पहुंची हैतो
हमारा सविधान के मुताबिक़ ही सभीके रहना और जीना जरुरी है ?
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,१५/४/२०२४
===@praheladprajapati4411 ,,,,,
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