दया, धर्म, सहिष्णुता, उदारता, और राज धर्म का पालन पृथ्वीराज चौहानजी ने किया था बदलेमे क्या मिला जो हम आज तक भोग रहे हैं
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गीतामे कृष्णजिने कहा है माने तक मनाओ जब नहीं मानता या बार-बार समझने से नहीं समझता तो उसके साथ वो ही व्यवहार करो जो वो करता है उसको उसकी भाषा में जवाब दो और उसको निपाता दो ताकी उसकी नारे बंस न बजे बासुरी कभी पागल कुट्टेको पा ला नहीं जाता कोबराको दूध नहीं पिलाया जाता जहर का कभी टेस्ट नहीं किया जाता मुर्ख या दुष्ट या और पागलोके साथ दोस्ती नहीं की जाती उनका तो अंत ही करना होता है मारो या मारोका अनुचरण किया जाता है श्री रामजी ने रावणको जिंदा नहीं छोड़ा था उसका वध किया था ये बात सनातनी हिंदू समाज नी होगी और उसका पालन ही करना होगा अगर अपनी सनातनी संस्कृति को बचाना है
===प्रहलादभाई प्रजापति,,,16/11/2025
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