कहानी कर्म कांडकी = ( धनखडजी )
============== नमन नमन में फ़र्क है बहुत नमे नादान धनखडजी का कौनसे नमन का निदान? मुंगेरी लालके हसीन सपने मुखमे राम बगले सूरी परदेके पिसे सियालवा छल सत्ता के नसे में की नियत बुरी दगा किसिका सगा नहीं। नहीं किया तो करके देख किया है जिसने यहां जाके धनखड़जिका घर देख इस दुनियाके कालके कपा ल पे इतियास गावा है जैसा करो वैसा भरो बोया पेड़ बबूलका आम कहासे होय? सच्चायी सुप नहीं सकती बनावतसे चा ला कि बादशाई क्यू न्हो कहानी धनखडजीके कर्मकांडकी सत्ता भी काम ना आई ===प्रहेलादभाई प्रजापति,,30 /7/2025
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