Friday, 2 May 2025

 

न्याय बिकता है लेनेवाला चाहिए ?

मि.लार्ड कानूनन विरोध पक्ष का काम करते है न्याय के अलावा उनकी निगाहे ज्यादा से ज्यादा अपनी समृद्धि सुख बढ़ानेमें रहती है सरकारी तिजोरिसे आनेवाली
आम्दानी तो खर्चे निकलते है बाकी सुख समृद्धि उपरकी आवकसे होती लगती है
नहिते नोटो से भरे जलते बोरे कहासे मिले ? पापका गडा फुटताही है ? खा खा के भूखे रहने वालोका एक न एक दिन पाप पुकारता ही है और गड़ा फूटता है ये कुदरती कानून है नेता वकिलकी गठजोड़ और वकील व् जजिसकी गठजोड़ में
दो नंबरका ,हवालाका ,लेनदेन होता है ? नेता व् माफिया डकैत लुटेरे न्याय खरीदते है वकील दलालोके मार्फत और जजिस उसकी कीमत वसूलते है इसमें आमआदमीका कचुंबर होता रहता है दुबली बिचारि गरीबडी लोकशाही लाचारिसे तमाषामे तब्दील होती है ,
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,३/५/२०२५
==@praheladprajapati4411,,,,,,

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