देशकी विघटिन कारी शक्तियों राष्ट्र विरोधी पार्टियों डीप स्टेट की सभी शक्तियोंके साथ अपने देशके सत्ता लोलुप स्वार्थी और निजी स्वार्थी अहम वाले देशके जयचंद और
मिर्जाफरोकि टोली को कंट्रोल करना होगा किसी भी तरीकेसे उनको सत्तामे आनेसे
रोकना होगा
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जो सत्तामे और शाशनमे बैठे है और उनका झुकाव राष्ट्र विरोधी और
स्वार्थी ईगो अहम वाले लोगोके साथ है तो उनको भी कण्ट्रोल करना होगा हमारी उच्च न्यायपालिकाके न्यायाधीश भी कभी कभी उनके खुदके और उनकी सत्ताके लिए
राष्ट विरोधी शक्तियोंके साथ हाथ मिलाते है और अपना निर्णय जजमेंट देते है और
न्यायका खंडन भी करते कराते है वो भी कई बार देखनेको मिला है सॉच्चै न्यायकि
अवमानना देखनेको मिली है ,उनका कहना और मानना है की न्याय सभीके लिए
होना जरुरी है पे जब उनकी बात आती है तो पलट जाते है और अपनेको अपनी
जमातको अलग क्र देते है ? ये दोहरी निति अपनाते है और न्यायको बंधक बना देते है
बड़े बड़े सरकारी बाबू भी उनकी अपनी निजी सत्ता संपत्ति के लिए जो कसम खाई
होती है (सेवा में नौकरीमे दाखल होनेके टाइम ) उसका भी खंडन कर देते है और
अखुट संपत्ति इकठ्ठी क्र लेते है सत्ताका दूर उपयोग करते है ऐसी परिस्थितिमे आम
आदमी बिचारा मजबूर और बेबस होकर उनकी जो हुकमी और गुलामी भुगत ता ही रहता है , राजनेता जैसे की लालू ,मुलायम ,नया नया केजरी फर्जीवाल और लहेरु
खानदान जिन्होंने देशको अधोगतिमे दाल के अपनी मनमानी की है और देशमे
परिवारवारका वादकी गंडकी /रायता फैलाया है , देशमे करूणानिधि फॅमिली हो
पवार फेमिली हो ओबेसी फेमिली हो लालू मुलायम ममता या मायावती हो करीब करीब सभी ८५ % राजनेता की फेमिली जो अपने वंशजोंको राजनीतिमे लाके देशको
लुटा ही है आम आदमीके पसीनाकि कमाई को लुटा ही है और अपने अपने शक्तियोंके /पावरके मुताबिक़ सम्पत्ति जमाई है ये देश १५ / २० % अच्छे नेता
न्यायविद जाजजीस वकील सरकारी बड़े बाबू और साधु संत महंत आचार्य बावा बापुओके सहारे टिका हुवा है और बचा हुवा है मोस्ट ऑफ़ ७५/८० % लोग देशमे
अपनी अपनी शक्ति /पावरके मुताबिक़ सम्पत्ति इकठ्ठी करनेमे लगे है फिर देश द्रोह
हो या कुछभी हो उनको उसकी चिंता नहीं है कई उद्योग पति भी इस क़डी आते है
ज्याद लिखना अच्छा नहीं , भगवान्से प्रार्थना की देशको मोदी, योगी जैसे लोग मिले
वो ही हमारा देशका भाग्य है आम जनताका भाग्य है , जय हिन्द जय माँ भारती
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,७ /३/ २०२५ ,,,,
===@praheladprajapati4411 ,,,,,
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