पेटेंट की सीमाए कानूनी तोर पर दुनियाके सभी राष्ट्रने फिक्स करनी चाहिए
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प्राकृतिक कुदरती संपत्ति जिन जिन राष्ट्रको मिली है उन पर उन राष्ट्रका ही
अधिपत्य /मालिकाना हक होना चाहिए उन्होंने अपनी सीमामें आई हुई या
मिली हुई है उस पर किसी और राष्ट्रका अधिपत्य या कोई कानूनी हक़ या
मालिकाना पन नहीं होना चाहिए ,स्पेस हो पाताल हो या भूमि हो उस पर किसी
और देशका हक़ नहीं होना चाहिए पेटेंट का हक़ उनको अपने देश की सीमामे
ही मिलना चाहिए नहीं की दुनियाके किसीभी देशका कुदरती या प्राकृतिक
संपत्ति पर नहीं होना चाहिए ,पढ़े लिखे लोग या सम्पत्तिवान लोग या बलवान
लोग या अपनी शारीरिक मानसिक व् आर्थिक ताकत से और देशोंकी प्रजाको
अपनी मुठ्ठीमें नहीं कर शकते और अपना साम्राज्य नहीं जमा शकते पेटेंटकी
दुनियामे कई लोगोने दुनियाको मुर्ख बनाया है और दूसरोकि संपत्ति हड़प ली है
ऐसे कई वेस्र्टरन सायंटिस्ट उद्योगपतिओने दुनियामे अपना डंका जमाये रखा है
जो गैर कानूनी है अमानवीय है अनीति है हमारे कई वैज्ञानिकोने और हमाँरे
वेद पुराण निति शाश्त्र धर्मग्रन्ध में से विदेशियोने चुराई है और उन्होंने अपने नाम
पर स्थापित की है जो गैर कानूनी है अमानवीय है अनीति है वे लोग चोर डकैत
लुटेरो बौद्धिक आक्रान्ताओकी श्रेणी में आते है उनका बहिस्कार करना चाहिए ?
और अपनी वैदिक संस्कृति गुरुकुल परम्परा ऋषिमुनियोंकी हमारी नीतिको
अपनानी होगी हमारे राष्ट्रकी सीमामे अगर ऐसे कोई विदेशिका पेटंट है तो बहिस्कार करना होगा और उनको डकैत लुटेरे आतंकवादी आक्रांता की श्रेणीमे मनना होगा
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,२२/३/२०२५
===@praheladprajapati4411 ,,,,,
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