हिन्दुस्तानमें राजाशाही - परिवारवाद शाही = लोकशाही होना जरुरी ?
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देशको आज़ादी तो मिली और सरदार पटेल शाहबकी घोर तपस्याकी वजहसे
लगभग सभी राजाओंको इकठ्ठा करके उनकी सत्ता संपत्ति लेके देशके चरणोमे
रख दी ,और हमारे राजाओंका बड़ा दिल देखिए जिन्होंने अपनी सभी सत्ता संपत्ति
संपत्ति देशको समर्पित की कुछ ग़द्दारोकि साजिस छोड़के जैसे की काश्मीर देशका
एक ही राज्य था जो देशका छुपा गद्दारने ये काश्मीरको देशमे मिलानेका जिम्मा अपने
पास रखा जो एक बहुरुपिया था जिसने धर्म बदला नाम मात्र के लिए लेकिन उसकी
छुपी मुस्लिम जातिकी साजिस नहीं छोड़ी और एक मारुच (रावण ) बांके देशको
अंधेरेमे रख के पुरे देशके सत्रह गद्दारी की जिसने देशमे परिवारवाद ,तुष्टिकरण ,
प्रांतवाद ,जातिवाद ,सुवर्ण दलित ,क्षेत्रवाद ,की निति अपनाके संगरेजोंका गुलाम
और अंग्रेजोंका छुपा एजंट की तरह देश में पहला मुखिया बन गया ,जो मुगलोंका
वारिस था ,और उसने हिंदुओंके छलनेकी और देशमे अंधा धुंधी ,की छुपी साजिस
रचते गया देश को और देशके खजानेको लुटाता गया और लुटवाता गया अपनी
छुपा एजंडेकी तहत देशमे कई जयचंद भी खड़े क्र दिए और उनको अपना
अनुयायी बनाया बहुमत के लिए लोकशाहिमे बहुमत ही एक ताकत है जिसको
उसने उपरके सभी नुकसेमे ढाल्के महारथ हासिल की ,और बादमे अपना परिवार
वंशवाद ,और काश्मीर जैसे मसले लेके देश को बर्बाद करता रहा देश के सविशानको
मरोड़ा ,कुचला ,और अपनी मन मानी के तहत इन जय्चन्दोके
सहारे राज चलाया अपने सविधानके आत्माको बाँध के रखा ,कार्यपालिकामें
न्यायपालिकामें ,प्रशाशनमे ,और सविधानके चौथे स्तम्भ न्यूज़ समाचार पात्र
जर्नालिस्ट ,सम्पादक ,लेखक ,कवी ,विश्लेर्षक ,प्रिंट मीडिया सभी जगह
अपने चाहिश्को अपने गुलामोंको घेसेड दिया जिसकी वजह से देश के लोगोको
अंधेरेमे रखा गया और देश को बर्बादिकी और ले गया ,और अपना वंश जमता
गया और सत्ता संपत्ति पावर ,बढ़ाता गया,न्याय पालिकामे भी अपने ही चाहितोको
लगाता गया ,देशमे कन्वर्जनकी खुली छूट दे दी गई ,देशमे वामी ,कामी इस्लामी
की ताकत बढ़ा दी और हिन्दू सनातनी सखावत को हर कोशिश से दबाता गया
लुटाता गया मन्दिरोपे मंदिरोंकी आय ,जमीं जायदात पर कब्जा करता गया और
हिन्दुओको की सनातनि रीती रिवाज परम्पराको नए नए कानून बनके तोड़ता गया
कुचलता गया किशनको गरीब मजदुर बनता गया और अपनी वंश परम्पराको एक
छुपी राजा शाहिमे बदलता गया है
आज शोश्यल मीडियाका दौर आया है जिसकी वजह से लोगोको जाग्रति आई
और लोग सोचते गए समझते गए और उस की हर शाजिसको समझने लगे है देशका
हर नागरिक आज अपना अधिकार समझने लगा है और हिन्दू सनातनी सखावत
रीती रिवाज ,रस्म ,अपनी पुरानी वैदिक संस्कृति ,अपना गुरुकुल परम्परा ,अपनी
संस्कृति ,अपना गौरवशाली पुराना इतियास को समझने लगा है और ये मरुचि
रावण के वंश का इतियास भी समझने लगा है देश में वामी कामी इस्लामी नक्षली
लेफ्टिस्ट का कन्वर्जन भी समजबे लगा है ज्यूडिसियरीमे ,कार्यपलिकामे देशकी
हर पार्टीके नेता गिरिका इतियास समझने लगा है और सभी लुटयंस मीडिया के
तौर तरिके समझने लगा है देशको समझनेमे बहुत देरी हो गई है फिर भी देरसे
आई दुरस्त आई समजके सभी देशके नागरिको को अपील है की जो पार्टी पक्ष
या इंसान या नेता या शाशन प्रशानमे रहे लोग या न्यायपलिकामे रहे लोग देशका
हित समझता है ,पहले देश ,पहले राष्ट्र उसको ही समर्थन करे और उसको ही अपना
नेता समजे तभी जाके देश का समाजका और अपना खोया हुवा गौरवशाली
इतियास को वापस बसा शकेंगे और विश्व गुरुकी और आगे बढ़ शकेंगे और
अपनी पुरानी ऋषि गुरुकुल ऋषि वैदिक परम्पराको ला शकेंगे
और देश घुसे हुए नक्षली ,वामी कामी इस्लामी ,लेफ्टिस्ट और जयचंद गदरोंका
बढ़ावा या रूतबा और लोगोके सामने उनको नंगा कर उनकी हर साजिसको
नाकमा कर पाएंगे
जयहींंद ,जय भारत। जय श्रीराम ,भारत माताकी जय
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,२१ / १.\ / २०२३
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