मेरे देशकी न्यायपालिकाए और उनके पदाधिकारी जजिस (मि.लॉर्ड्स )
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न्यायपालिकाके जजिसकी आय की तलाशी कौन करेगा इस देश में ? क्या वो लोग
भारतीय कानूनके ऊपर है ? क्या उन लॉगो को देश के आम नागरिकोसे कोई विशेष
अधिकार अपने सविधान ने दिए है ? क्या ये जमात संसद से भी ऊपर है ? क्या ये
जमात का ये ऑर्गेनिज़शन देश की सर्वोपरि संस्था है जे आम जनतासे चुने हुए
लोगोसे बनी हुई संसद और उनके द्वारा चुने गए देश के राष्ट्रपति प्रधान मंत्री और
उपराष्ट्रपति सभी को ये लोग कंट्रोल करते है ? क्या उनकी नियुक्ति कहासे होती है
? इस देश के हर एक नागरिक को संजना होगा इन लोगोकी जमात और उनका
ऑर्गेनिज़शन किसके पैसे पर नभटा है ,उनकी ऐयासियो ,हर सेवाएं क्या कोई
आम जनताके जेबसे पैसे से नहीं होती है ? मेरे देशमे आम जनताको कैसे उल्लू
बनाया जाता है और उनका खून कैसे चूसा जाता है, उनकी छुट्टियों ,उनकी काम
करनेकी तरीके उनकी नियुकितयो एक पारिवारि राजाशाही जैसी लगती है
ज़रा देसखिये राजाशाही कहा नष्ट हुई है ? उनको मि, लार्ड कहाजाता है और
उनके अनगिनत हक़ वर्साई और कानूनन मानना पड़ता है उनका चरित्र या
उनसे कोई सवाल भी नहीं किया जा शकता ? कोर्टमे न्यायके लिए आम जनता
अपनी पेढ़ी डॉ पेढ़ी अपना सबकुच दावपे लगाके बरसो तक इन्तजार करते
करते मर भी जाता है पर न्यायालयकी या जाजोकि कोई जिम्मेदारी नहीं होती है
ये मेरे देशकी आम जनताको उनका बोझ सहन कनाही पड़ता है ,आम जनता
दो वक्त की रोटी कमानेको तड़पती ही रहती है यर ये लोगोको मान सम्मान
के साथ ऐयासी ऐशो आराम की जिनगीमे कोई खलेल नहीं होनी चाहिए ऐसा
उनका कानूनन अधिकार है ? हे राम भगवान् बचाये मेरे देशको ऐसी व्यवस्था से
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,,,,३ /१/ २०२३
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