Monday, 7 April 2025

 


उच्च न्यायपालिकामे जजिस वर्माका केस कांड न्यायपालिकामे भ्रस्टाचारमेकी हिम शिला की टॉच है ?  दलाल जजिस व् वकिलोकि कोई दवाई नहीं है ?

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सात सोधे ने तेर तुटे ऐसा हाल देशका किसने किया ? कौन जिम्मेदार है ? क्या जिहोने 

पहले राजकिया है वो है ? क्या मुगलोंका वंशजोंका है ? क्या वामपंथी अंग्रेजोंका है ? या 

देशमे कीड़ेकी तरह घुस गए हुए कनवर्जनकारियोका है ? कोम्युनिष्ठोंका है ? या यहाके 

जयचंदोका है ? या सत्ता संपत्ति लोलुप हिंदुओंका है ? इस देश में क्रान्ति की जरूरत है ? हर जवाबका दो पहलू है  सिक्काकी दो बाजुए होती है ठीक वैसे ही यहाँ आस्तिक 

नास्तिक चोर शाहूकार उच्च नीच आवरण सवर्ण मुर्ख और बुद्धिशाली का खेल चलता ही रहा है आखिर काल सत्यका सु नितिका  विजय होता ही रहा है हर युगमे भगवानको 

जन्म लेनाही पड़ता है ये एक सत्य कथन हो गया है लेकिन दुष्टोंका इस खेल में कई जिन्दगियोका दहन होता रहा है , अपने देश में बाहरी खत्रोंसे यानी विदेशी खत्रोंसे ज्यादा अंदरके लोगोसे अपने देशी यहाके काले अन्ग्रेज यहाके हिन्दू जयचन्दोंसे सावधान रहनेकी ज्यादासे ज्यादा जरूरत है जो ढोंगी बहुरूपी मारीच जैसे लोजो से 

ज्यादा खतरा है केजरुद्दीन व्  सभी परिवारवादी पार्टियों पक्ष और सफेद ठग नेता गण 

लोगोसे सावधान रहनेकी जरूरत है जय हिन्द ,जय माँ भारती 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,७/४/२०२५ 

===@praheladprajapati4411 ,,,,,

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