Saturday, 12 April 2025

 खोंग्रेस यानी लहेरुखानदान यानी मुगलवंशज यानी एक सफ़ेद आतंकी संघटन

=================== इस देश को बर्बाद करनेमे जिनका योग दान है वो सफेद आतंकी संघटन यानी मुगलवंश
यानि पूरा लहेरु खानदान जो पारिवारिक पार्टी है ,देश के भोले भले लोगोको मुर्ख समते है और उनकी गरीबी ,मज़बूरी,या सहिष्णुताका बड़प्पन का लाभ उठाके उनको ही
लुटा है और देश विदेश में अपनी संप्पत्तियो जमाई है उन्होंने देश में परिवार वादका एक वट वृक्ष खड़ा किया है और वो उन सबकी आगवानी यानिकि मालिकाना हक़ लिए बैठे है जब जब देश पर संकट आया है तब तब ये लहेरु खानदान के मुखिये विदेश घूमने भाग गए हुए है इतियास गवा है देशको भगवान् भरोसे छोड़ गए है और वो ऐयासियो करनेको विदेश चले गए है ऐसे बहुत साबुत है ,और जब जब देशमे से कोई व्यक्ति या नेताने उनको आइना दिखानेकी और उनका विकल्प बननेकी कोशिश की है तबतब इन्होने उसकी मौत कराई है फॉर एक्साम्प्ल, लालबहादुर शास्त्री ,श्यामा प्रसाद
मुखर्जी ,ललित नारायण मिश्रा ,भिंडरांवाले ,ऐसे कई एक्साम्पल है फिर इन्होने लोगोको मुर्ख बनानेके लिए और लोगोको घूम राह करनेके लिए जिन लोगोकी ह्त्या या मर्डर कराया होता है उन्हीके परवार वालेको सत्तामे बिठाके उनके गुलाम बनाये है जिससे देश कोई ज्यादा विरोध पैदा न हो और लोगोका ध्यान भटका दिया जाता रहा है ये लहेरु खानदान का काम करनेका और सत्तामे बने रहनेका सूत्र और तरिका है लेकिन
अब लोगोको धीरे धीरे उनका पोल पट्टी और मीठे जहरका ज्ञान होने लगा है देश में राजाओंकी संपत्ति ,सालियाना लूटके बांध करवाके अपनी और करनेका उनका खेल अब खुल गया है देश में परवार वादका पोल भी खुल गया है अब देश में आने वाली नै नस्लको उनका देशको लूटनेका डक़ैतिका आक्रमण खोरीका और देशके विभाजनका
तौर तरिके का भेद खुल गया है ये चौथी पढ़ी तक का राज खुल गया है देशको किसीभी तरह जाती धर्म प्रांतवाद भाषावाद में बॉटनेका और कन्वर्जन करके करवाके हिन्दू सनातनीयोको हिन्दू सनातनी संस्कृतिको हिन्दू ऋषिमुनियोंकी गुरुकुल
परम्पराको खतम करनेका भेद खुल गया है लोग जागने लगे है और देशको मोदीजी योगीजी अमितजी जैसे कई बड़े नेता गण मिले है जो लोगोको जागृत करनेमे और देशके
विकास लोगोका कल्याण सुखाकारी की योजनाए बनानेमे लगे हुए है अब हमें इन लोगोके हाथ मजबूत करने है जय हिन्द जय माँ भारती ===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,११/४/२०२५ ===@praheladprajapati4411 ,,,,,

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