इतियास गवाह है इनके(लहेरु कोंग्रेसियोसे ) कार्योंसे
कपिलं सिब्बल्जीको जब भगवा पसंद नहीं तो देश को वामपंथी और इस्लामिक
और कोम्युनिष्ठ जिहादी, नक्षली लेफ्टिस्ट और लहेरु कोंग्रेसी विचारधारा भी पसंद
नहीं आती क्यों की ये विचार धयारा कही न कही देश को तोडने वाली और तुष्टि
कारण नीतिवाली लग रही है इसका इतियास गवाह है एक तिहाड़ी वित्त मंत्री
और पूर्व केंन्द्रीय मंत्री जो पूरा वामपंथी विचार धारासे प्रभावित पुरे देशकी
एकता को नहीं समज पाटा और हिंदुओंकी भावनाको भी समज नहीं पाटा
हे ये लहेरु कोंग्रेसी पूरा तुष्टिकरणकी नीतिसे लिप्त है उस के बयान या तर्क
को देश सम्ज्मे या पालनमे न अपनाये
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,१५/१/२०२३
No comments:
Post a Comment