प्रत्येक स्वाधीनता संग्राम में जाटों ने जितनी कुर्बानियां दीं, उनका कोई मुक़ाबला नहीं कर सकता, इसके उपरांत भी इतिहासकारों ने जाटों को इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया.
प्रत्येक स्वाधीनता संग्राम में जाटों ने जितनी कुर्बानियां दीं, उनका कोई मुक़ाबला नहीं कर सकता, इसके उपरांत भी इतिहासकारों ने जाटों को इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया.
ReplyDelete