लहेरु  खानदान हिन्दुस्तान छोड़के भागे  उसके पहले गिरफ्तार करना जरुरी

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ये खान दान अपनी छेल्ली पायरी पर आ गया है उसकी नियत देशको कैसे भी बर्बाद करना हुई है ये खानदान अब मारो या करो की नियत पर आ गया है और ये खोंग्रेसी अपनी डक़ैतीसे लुटिहुई सम्पत्तिको बचानुके लिए किसीभी 

पॉयदानपे जानेकी शुरूआत हो गई है ये खानदान और यहोके जयचंद और मिजाफर  देश को फना करनेको तुले हुए है विदेशियोंके सहारे ये वामपंथी 

इस्लामिक और कोम्युनिष्ठ नक्षली लोग उनका तन धन मन से इस देशको 

बर्बाद करनेको निकल पड़े है अब उन पर भरोसा करना अपने पैरो पर 

कुल्हाड़ी मारना के बराबर है ये लोग सेनाका और यहोकि सरकारी एजन्सियोंका अपमान करनेमे उनकी सभी शक्तियों का इस्तेमा करने लगे है 

हमारी देश भक्त सेनाको बदनाम करनेमे जुट गए है उसमे फाड़ करनेकी 

हर कोशिश जारी है देशमे जातिवादी ज़हर गोलना और आराजकता फैलाना 

असामाजिक तत्वोंको अपना हथ्था बनाके देशकी बर्बादिमे जुट गए है इन पागल और हड़काये कुतोंको ,ज़हरीले कोबारोके साथ कोई प्यार भरी भाषाओंसे या अपना मुँह सहिष्णुताकी ढाल ओढ़ने से हम हमारी और देशकी बर्बादिको आमन्तित कर रहे है आने वाले भयानक रूपको पहचाने और 

देशको इस दुर्गतिसे बचानेकी और आगे बढे इन ज़हरीले कोब्रोका खात्मा 

जरुरी है इनको उनके बिलमे छुपने से पहले उनका इलाज काना होगा नहीतो 

इतियास दोहरानका वक्त आ जाएगा जैसेकि पृथ्वीराजने और हमारे अटलजीने जो गलतियों की थी हम आज तक इसका फल भुगत रहे है अमरिकामें ड्रग में पकड़ाया हुवा ज़हरीला कोब्राको छुड्वनेकी जो अटलजी ने जो गलती की थी और पृथ्वीराजने युद्धमे बार बार हरवाके बाद पकडके 

दयाकि भीखमे छोड़ दिएथे वो आज हमारे खुदके दुश्मन हो के सामने खड़े है 

न रहे बॉस न बजे बासुरी का रुख अख्त्यार करना होगा उन सबको उनके 

सलामतीके बिलमे जानेसे पहले उनका इलाज करना होगा , जय हिन्द जय माँ 

भारती 

===प्रहलादभाई  प्रजापति  ,,, १ /९/२०२४ 

 मुग़ल ,औरंगजेब ,घोरी,अकबर ,बाबर ,तैमूर,टीपू ,चंगीजखां ,अजमेर सरीफ + फादर व् वेटिकनिके नए अवतार के रूपमे पैदा आउल गंधी

==========

सभी के सभी हिन्दुस्तानमें डकैत ,लुटेरे ऐयासी,जिहादीयोंके रूपमे आये थे

जिन्होंने यहके जय्चन्दोके सहारे कई मिर्जाफ पैदा किये और कई जयचंद

पैदा किये और ये सभीने हिन्दू सनातनिको व् उसकी सखावत रीत रस्म

परम्परा को लुटा है और उसको तोड़नेकी हर कोशिश की है हिन्दुओको

जातिमे बांटा है प्रदेश वाद भाषावाद और उन्स्की संकृतिको हर तरफसे

तोड़ी है लूटी है और सम्पत्तिको हथियाई है ये लहेरु वंशज अपनी पढ़ी दर

पढ़ी इस देशको अपनी जागीर समज बैठे है और अपना परिवारवाद थोपा

है ठिक वैसे ही दूसरे जयचन्दोंको भी परवारवाद तब्दील करके उनके

सहारे उनको अपना राजकीय गुलाम बनाके देशको हिन्दुओको उनकी

सत्ता संपत्ति व् संस्कृति लूटी है देशके लोगोको दलितो,आदिवासिलोगोंको

बिषडोको अपना हाथा बनाके उनको कुछ सम्पाती और सत्ताका टुकड़ा

फेकके उनका अपना गुलाम बनाया है ब्रिटिश भाषामे बोलेटो उनको

अपना वाइस रॉय बनाके हिंदुस्तान पर कब्जा जमाया है और देशकी हिन्दू

संस्कृतिको खत्म करनेकी हर कोशिश की है कन्वर्जन के रूपमे देशकी

गरीब प्रजाको अपना हथियार बनाया है अब हिंदुको थोड़ी थोड़ी समाज

आने लगी है उन्होंने कई हिन्दू धर्मगुरु और साधू संतोको भी परीक्ष रूपमे

अपने गर्भित वाइसरॉय यानी गुलाम बनके हिन्दू धर्मको परोक्ष रीतिसे

हानि पहुंचाई है हमारे कई हिन्दू बाबा ,बापू ,संत व् आचर्य भी उनके जासेमे

आ गये है लोक सभामे आउल गाँधी हिन्दुओको भरी सभामे अपमानित

करता है हिन्दुओको गाली देता है हिन्दुओको आतंकवादी बोलता है धर्मका

और हमारे आराध्य देवोंका अपमान करता है भीड़ भी हमारे शंकराचार्योंके

मुहमे दही जम गया है पुरे दिनमें चार पांच बार राबड़ी पि के ऐशो आराम

करते है लेकिन ऐसे लोगोको कुछ न बोलके उनको परोक्ष रीतसे साथ देते है

ये लोग भगवा आतंकवाद बोलके पुरे हिन्दू समाजको बदनाम करनेमे लगे है

हिंदुस्तानका टुकड़ा कतनेको हर कोशिश करनेमे लगे है ये नए

आधुनिक लुटेरोसे डकैटोसे जिदियोंसे विदेशियोसे देश के लोग सावधान रहे

ये वोही लोगोके वंशज् है जे देशको लुटेनको आये थे और यहां जम गए है

जागो हिन्दू जागो ,,,,,,,,हिन्दू सनातनियो जागो अपनी संस्कृतिको बचाओ

===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,,,,, ७ / ५ / २०२४


 मुग़ल ,औरंगजेब ,घोरी,अकबर ,बाबर ,तैमूर,टीपू ,चंगीजखां ,अजमेर सरीफ + फादर व् वेटिकनिके नए अवतार के रूपमे पैदा आउल गंधी

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सभी के सभी हिन्दुस्तानमें डकैत ,लुटेरे ऐयासी,जिहादीयोंके रूपमे आये थे

जिन्होंने यहके जय्चन्दोके सहारे कई मिर्जाफ पैदा किये और कई जयचंद

पैदा किये और ये सभीने हिन्दू सनातनिको व् उसकी सखावत रीत रस्म

परम्परा को लुटा है और उसको तोड़नेकी हर कोशिश की है हिन्दुओको

जातिमे बांटा है प्रदेश वाद भाषावाद और उन्स्की संकृतिको हर तरफसे

तोड़ी है लूटी है और सम्पत्तिको हथियाई है ये लहेरु वंशज अपनी पढ़ी दर

पढ़ी इस देशको अपनी जागीर समज बैठे है और अपना परिवारवाद थोपा

है ठिक वैसे ही दूसरे जयचन्दोंको भी परवारवाद तब्दील करके उनके

सहारे उनको अपना राजकीय गुलाम बनाके देशको हिन्दुओको उनकी

सत्ता संपत्ति व् संस्कृति लूटी है देशके लोगोको दलितो,आदिवासिलोगोंको

बिषडोको अपना हाथा बनाके उनको कुछ सम्पाती और सत्ताका टुकड़ा

फेकके उनका अपना गुलाम बनाया है ब्रिटिश भाषामे बोलेटो उनको

अपना वाइस रॉय बनाके हिंदुस्तान पर कब्जा जमाया है और देशकी हिन्दू

संस्कृतिको खत्म करनेकी हर कोशिश की है कन्वर्जन के रूपमे देशकी

गरीब प्रजाको अपना हथियार बनाया है अब हिंदुको थोड़ी थोड़ी समाज

आने लगी है उन्होंने कई हिन्दू धर्मगुरु और साधू संतोको भी परीक्ष रूपमे

अपने गर्भित वाइसरॉय यानी गुलाम बनके हिन्दू धर्मको परोक्ष रीतिसे

हानि पहुंचाई है हमारे कई हिन्दू बाबा ,बापू ,संत व् आचर्य भी उनके जासेमे

आ गये है लोक सभामे आउल गाँधी हिन्दुओको भरी सभामे अपमानित

करता है हिन्दुओको गाली देता है हिन्दुओको आतंकवादी बोलता है धर्मका

और हमारे आराध्य देवोंका अपमान करता है भीड़ भी हमारे शंकराचार्योंके

मुहमे दही जम गया है पुरे दिनमें चार पांच बार राबड़ी पि के ऐशो आराम

करते है लेकिन ऐसे लोगोको कुछ न बोलके उनको परोक्ष रीतसे साथ देते है

ये लोग भगवा आतंकवाद बोलके पुरे हिन्दू समाजको बदनाम करनेमे लगे है

हिंदुस्तानका टुकड़ा कतनेको हर कोशिश करनेमे लगे है ये नए

आधुनिक लुटेरोसे डकैटोसे जिदियोंसे विदेशियोसे देश के लोग सावधान रहे

ये वोही लोगोके वंशज् है जे देशको लुटेनको आये थे और यहां जम गए है

जागो हिन्दू जागो ,,,,,,,,हिन्दू सनातनियो जागो अपनी संस्कृतिको बचाओ

===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,,,,, ७ / ५ / २०२४


 क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

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बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी

संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा

खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे

बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल

रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी

के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा

धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके

सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ?

हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की

चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती

हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज

बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा

घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो

===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४

 (वामपंथी इस्लामिक +कोम्युनिष्ठ  प्रोडक्ट )हिंदुस्तानमें आजादीके बादकी  पहली फेमिली फर्जी फेमिली फ्रॉड फेमिली डकैत फेमिली ऐयास फेमिली 

================

न जात न भात न कोई रियल पूर्वज वंशज न अकोइ रियल खानदान

फिर भी देश पर ६० से ७० सालोसे कब्जा जमाये बैठे है देश को लुटते

लुटवाते है देश को बांटते बटवाते है देश को टुकडोमे बेचते है बेचवाते है 

यहासे लूटकर विदेशोंमें अपने अपने पूर्वजोंके देशमे और दूसरे देशमो 

संपत्ति जमाते है और इस देश को अपनी जायदात समझते है लोगोको 

अपने गुलाम और बुद्धू समझते है हमारे देशकी बद किस्मत तो जुओ 

की यहकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग अपनों को छोड़के विदेशियोकि गुलामी 

करनेको अपना सबकुश न्योछावर कर देते है और कर दिया है कई  लोगोने 

तो अपनी जान बान शान अपनी इज्जत भी बेच दी है और गुलामी करनेमे 

अपनेको बड़ा और काबिल समझते है कोई एक सत्ता या संपत्ति या किसी 

मामूली लाभके लिए सबकुछ सोप देते है और सोप दिया है ऐसे लोगोको 

उनकी अपनी जिनगी उनके हवाले कर दी है ये लोग इस्लामिक कल्चर 

और वामपंथी और कोम्युनिष्ठ कल्चर में देश को और देशके लोगोको 

कन्वर्जन करते आये है यहाकि हिन्दू सनातनी संस्कृतिको और यहाकि 

हिन्दू सनातनी सखावतको नष्ट करनेमे उनको पूरा साथ सगकार और 

खुदको भी बदल दिया है वैसे लोगोके हाथमे सत्ता होने से यहाकि मिटटी 

में पैदा हुए लोग ऐ मजबूर और दया जनक परिस्थितिमे रहते आये है यहाकी 

सभी तरहकी रीत रिवाज रस्म को खत्म करनेमे लगे है भात भात के नए नए 

तरीकोंसे लोगोको जाती धर्म प्रान्तवाद भाषावाद उच्च नीच ब्राह्मण दलित 

आदिवासी बिछड़े जन जाती ,राजपूत धनि गरीब में बटवारा कर करवाके 

आपसमे वैमनस्य पैदा करके लोगोको मुर्ख बनके उनको आपसमे लडवाके 

टुकड़े कर और करवाके सत्तामे बने रहना चाहते है और इस धराको  टुकडोमे करके व् करवाके बेचना चाहते है फिर यहासे भाग जाएंगे अपने 

अपने मुल्कोमे ये वोही लोग है जो यहाँ डकैती लूट ऐयासी करनेको आये थे 

देशकी यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग जल्दीसे जल्दी समज जाये तो 

रहा सहा हमारा वंशज और उनकी संस्कृति व् इतियास बच जाएगा

यहके इन सभी लोगोसे जो यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए है इनसे गुजारिश है 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,, २४ / ८ / २०२४  

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"सभी का खून है शामिल है,यहाँ की मिट्टी में,किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है."

राहत ने जिस दुर्भावना के साथ ये लिखा था,उसका माकूल और खूबसूरत जवाब "बेचैन मधुपुरी" जी ने बहुत ही बेहतरीन जवाब दिया था, आप भी उनके कायल हो जाएँगे। 👌

“ख़फ़ा होते हैं तो हो जाने दो, घर के मेहमान थोड़ी हैं,

सारे जहाँ भर से लताड़े जा चुके हैं, इनका मान थोड़ी है.

ये कान्हा राम की धरती है, सजदा करना ही होगा,

मेरा वतन ये मेरी माँ है, लूट का सामान थोड़ी है.

मैं जानता हूँ, घर में बन चुके हैं सैकड़ों भेदी,

जो सिक्कों में बिक जाए, वो मेरा ईमान थोड़ी है.

मेरे पुरखों ने सींचा है, इस वतन को अपने लहू के कतरों से,

बहुत बांटा मगर अब बस, ख़ैरात थोड़ी है.

जो रहजन थे उन्हें हाकिम बना कर उम्र भर पूजा,

मगर अब हम भी सच्चाई से अनजान थोड़े हैं ?

बहुत लूटा फिरंगी ने, कभी बाबर के पूतों ने,

ये मेरा घर है मेरी ज़ान, मुफ्त की सराय थोड़ी है.

कुछ तो अपने भी शामिल है, वतन तोड़ने में,

अब ये कन्हैया और रविश मुसलमान थोड़ी है.

नहीं शामिल है तुम्हारा खून इस मिट्टी में, ये तुम्हारे बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है.

यकीनन किरायेदार ही मालूम पड़ते हैं ये,इस मुल्क में,

यूं बेमुरव्वत अपना ही मकान, कोई जलाता थोड़े है.

सभी का खून शामिल था यहाँ की मिट्टी में, हम अनजान थोड़े हैं.

किंतु जिनके अब्बा ले चुके पाकिस्तान,

अब उनका हिंदुस्तान थोड़े है...

साभार:- स्व. बेचैन मधुपुरी 


 क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी
इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ? हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो ===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४

 क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी
इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ? हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो ===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४

 क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी
इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ? हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो ===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४

 क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी
इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ? हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो ===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४

 क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी
इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ? हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो ===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४

 क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी
इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ? हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो ===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४

 

क्या यहाँ सबकुछ बिकता है ? खरीदने वाला चाहिए ?

बजेपी के मोस्ट ऑफ़ सभी ज्यादातर प्रवक्ता बीके हुए लगते है एक विदेशी
संपादक व् जर्नालिस्ट एविडन्स के साथ लहेरु खानदान का पूरा कच्चा चिठ्ठा
खोल रहा है फिर भी इन लोगोके मुहमे दही क्यों जम गया है ? और मोदीजी इनके सहारे चुनाव जितने की उम्मीद लेके बैठे है ? ये लोग शायद पुरे के पुरे
बिक गए लग रहा है ? एक बँगला देशी पत्रकार जिन परिवारकी पोल खोल
रहा है पुरे एविडन्स के साथ और पपुरी चेलेंज के साथ तो यहके ये बीजेपी
के प्रवक्ता क्या जख मर रहे है ? क्या वो बिक गए है ? क्या मोदीजीको दुबारा
धोखा देनेकी फिराकमे है ? बिचारे ये लोगोका भी पेट है क्या करे पैसोंके
सामने सबकुछ बेचनेको मजबूर है क्या ? किसके सहारे देशके लोग रहे ?
हे भगवान सबको अपना जमीर अपना ईमान अपने वंशजोंके भविष्य की
चिंता हो ऐसी उम्मीद रखे ? पृथ्वीराजने जो गलती की थी वोही गलती
हमारे प्यारे और देश भक्त अटल जीने बड़प्पन दिखाके की थी जो आज
बड़ा दुश्मन देशका हो गया है ये इंसान पप्पू नहीं बल्कि देशका दुसरा
घोरी गजनवी लगता है ? जय माँ भारती हमें बचालो सबको सन्मति दो
===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,, २६/८/२०२४


 हिंदुस्तानमें आजादीके बादकी  पहली फेमिली फर्जी फेमिली फ्रॉड फेमिली डकैत फेमिली ऐयास फेमिली (वामपंथी इस्लामिक +कोम्युनिष्ठ  प्रोडक्ट )

 


हिंदुस्तानमें आजादीके बादकी  पहली फेमिली फर्जी फेमिली फ्रॉड फेमिली डकैत फेमिली ऐयास फेमिली 

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न जात न भात न कोई रियल पूर्वज वंशज न अकोइ रियल खानदान

फिर भी देश पर ६० से ७० सालोसे कब्जा जमाये बैठे है देश को लुटते

लुटवाते है देश को बांटते बटवाते है देश को टुकडोमे बेचते है बेचवाते है 

यहासे लूटकर विदेशोंमें अपने अपने पूर्वजोंके देशमे और दूसरे देशमो 

संपत्ति जमाते है और इस देश को अपनी जायदात समझते है लोगोको 

अपने गुलाम और बुद्धू समझते है हमारे देशकी बद किस्मत तो जुओ 

की यहकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग अपनों को छोड़के विदेशियोकि गुलामी 

करनेको अपना सबकुश न्योछावर कर देते है और कर दिया है कई  लोगोने 

तो अपनी जान बान शान अपनी इज्जत भी बेच दी है और गुलामी करनेमे 

अपनेको बड़ा और काबिल समझते है कोई एक सत्ता या संपत्ति या किसी 

मामूली लाभके लिए सबकुछ सोप देते है और सोप दिया है ऐसे लोगोको 

उनकी अपनी जिनगी उनके हवाले कर दी है ये लोग इस्लामिक कल्चर 

और वामपंथी और कोम्युनिष्ठ कल्चर में देश को और देशके लोगोको 

कन्वर्जन करते आये है यहाकि हिन्दू सनातनी संस्कृतिको और यहाकि 

हिन्दू सनातनी सखावतको नष्ट करनेमे उनको पूरा साथ सगकार और 

खुदको भी बदल दिया है वैसे लोगोके हाथमे सत्ता होने से यहाकि मिटटी 

में पैदा हुए लोग ऐ मजबूर और दया जनक परिस्थितिमे रहते आये है यहाकी 

सभी तरहकी रीत रिवाज रस्म को खत्म करनेमे लगे है भात भात के नए नए 

तरीकोंसे लोगोको जाती धर्म प्रान्तवाद भाषावाद उच्च नीच ब्राह्मण दलित 

आदिवासी बिछड़े जन जाती ,राजपूत धनि गरीब में बटवारा कर करवाके 

आपसमे वैमनस्य पैदा करके लोगोको मुर्ख बनके उनको आपसमे लडवाके 

टुकड़े कर और करवाके सत्तामे बने रहना चाहते है और इस धराको  टुकडोमे करके व् करवाके बेचना चाहते है फिर यहासे भाग जाएंगे अपने 

अपने मुल्कोमे ये वोही लोग है जो यहाँ डकैती लूट ऐयासी करनेको आये थे 

देशकी यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग जल्दीसे जल्दी समज जाये तो 

रहा सहा हमारा वंशज और उनकी संस्कृति व् इतियास बच जाएगा

यहके इन सभी लोगोसे जो यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए है इनसे गुजारिश है 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,, २४ / ८ / २०२४

Saturday, 24 August 2024

 


हिंदुस्तानमें आजादीके बादकी  पहली फेमिली फर्जी फेमिली फ्रॉड फेमिली डकैत फेमिली ऐयास फेमिली 

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न जात न भात न कोई रियल पूर्वज वंशज न अकोइ रियल खानदान

फिर भी देश पर ६० से ७० सालोसे कब्जा जमाये बैठे है देश को लुटते

लुटवाते है देश को बांटते बटवाते है देश को टुकडोमे बेचते है बेचवाते है 

यहासे लूटकर विदेशोंमें अपने अपने पूर्वजोंके देशमे और दूसरे देशमो 

संपत्ति जमाते है और इस देश को अपनी जायदात समझते है लोगोको 

अपने गुलाम और बुद्धू समझते है हमारे देशकी बद किस्मत तो जुओ 

की यहकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग अपनों को छोड़के विदेशियोकि गुलामी 

करनेको अपना सबकुश न्योछावर कर देते है और कर दिया है कई  लोगोने 

तो अपनी जान बान शान अपनी इज्जत भी बेच दी है और गुलामी करनेमे 

अपनेको बड़ा और काबिल समझते है कोई एक सत्ता या संपत्ति या किसी 

मामूली लाभके लिए सबकुछ सोप देते है और सोप दिया है ऐसे लोगोको 

उनकी अपनी जिनगी उनके हवाले कर दी है ये लोग इस्लामिक कल्चर 

और वामपंथी और कोम्युनिष्ठ कल्चर में देश को और देशके लोगोको 

कन्वर्जन करते आये है यहाकि हिन्दू सनातनी संस्कृतिको और यहाकि 

हिन्दू सनातनी सखावतको नष्ट करनेमे उनको पूरा साथ सगकार और 

खुदको भी बदल दिया है वैसे लोगोके हाथमे सत्ता होने से यहाकि मिटटी 

में पैदा हुए लोग ऐ मजबूर और दया जनक परिस्थितिमे रहते आये है यहाकी 

सभी तरहकी रीत रिवाज रस्म को खत्म करनेमे लगे है भात भात के नए नए 

तरीकोंसे लोगोको जाती धर्म प्रान्तवाद भाषावाद उच्च नीच ब्राह्मण दलित 

आदिवासी बिछड़े जन जाती ,राजपूत धनि गरीब में बटवारा कर करवाके 

आपसमे वैमनस्य पैदा करके लोगोको मुर्ख बनके उनको आपसमे लडवाके 

टुकड़े कर और करवाके सत्तामे बने रहना चाहते है और इस धराको  टुकडोमे करके व् करवाके बेचना चाहते है फिर यहासे भाग जाएंगे अपने 

अपने मुल्कोमे ये वोही लोग है जो यहाँ डकैती लूट ऐयासी करनेको आये थे 

देशकी यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग जल्दीसे जल्दी समज जाये तो 

रहा सहा हमारा वंशज और उनकी संस्कृति व् इतियास बच जाएगा

यहके इन सभी लोगोसे जो यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए है इनसे गुजारिश है 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,, २४ / ८ / २०२४  

 "सभी का खून है शामिल है,यहाँ की मिट्टी में,किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है."

राहत ने जिस दुर्भावना के साथ ये लिखा था,उसका माकूल और खूबसूरत जवाब "बेचैन मधुपुरी" जी ने बहुत ही बेहतरीन जवाब दिया था, आप भी उनके कायल हो जाएँगे। 👌
“ख़फ़ा होते हैं तो हो जाने दो, घर के मेहमान थोड़ी हैं,
सारे जहाँ भर से लताड़े जा चुके हैं, इनका मान थोड़ी है.
ये कान्हा राम की धरती है, सजदा करना ही होगा,
मेरा वतन ये मेरी माँ है, लूट का सामान थोड़ी है.
मैं जानता हूँ, घर में बन चुके हैं सैकड़ों भेदी,
जो सिक्कों में बिक जाए, वो मेरा ईमान थोड़ी है.
मेरे पुरखों ने सींचा है, इस वतन को अपने लहू के कतरों से,
बहुत बांटा मगर अब बस, ख़ैरात थोड़ी है.
जो रहजन थे उन्हें हाकिम बना कर उम्र भर पूजा,
मगर अब हम भी सच्चाई से अनजान थोड़े हैं ?
बहुत लूटा फिरंगी ने, कभी बाबर के पूतों ने,
ये मेरा घर है मेरी ज़ान, मुफ्त की सराय थोड़ी है.
कुछ तो अपने भी शामिल है, वतन तोड़ने में,
अब ये कन्हैया और रविश मुसलमान थोड़ी है.
नहीं शामिल है तुम्हारा खून इस मिट्टी में, ये तुम्हारे बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है.
यकीनन किरायेदार ही मालूम पड़ते हैं ये,इस मुल्क में,
यूं बेमुरव्वत अपना ही मकान, कोई जलाता थोड़े है.
सभी का खून शामिल था यहाँ की मिट्टी में, हम अनजान थोड़े हैं.
किंतु जिनके अब्बा ले चुके पाकिस्तान,
अब उनका हिंदुस्तान थोड़े है...
साभार:- स्व. बेचैन मधुपुरी

 "सभी का खून है शामिल है,यहाँ की मिट्टी में,किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है."

राहत ने जिस दुर्भावना के साथ ये लिखा था,उसका माकूल और खूबसूरत जवाब "बेचैन मधुपुरी" जी ने बहुत ही बेहतरीन जवाब दिया था, आप भी उनके कायल हो जाएँगे। 👌
“ख़फ़ा होते हैं तो हो जाने दो, घर के मेहमान थोड़ी हैं,
सारे जहाँ भर से लताड़े जा चुके हैं, इनका मान थोड़ी है.
ये कान्हा राम की धरती है, सजदा करना ही होगा,
मेरा वतन ये मेरी माँ है, लूट का सामान थोड़ी है.
मैं जानता हूँ, घर में बन चुके हैं सैकड़ों भेदी,
जो सिक्कों में बिक जाए, वो मेरा ईमान थोड़ी है.
मेरे पुरखों ने सींचा है, इस वतन को अपने लहू के कतरों से,
बहुत बांटा मगर अब बस, ख़ैरात थोड़ी है.
जो रहजन थे उन्हें हाकिम बना कर उम्र भर पूजा,
मगर अब हम भी सच्चाई से अनजान थोड़े हैं ?
बहुत लूटा फिरंगी ने, कभी बाबर के पूतों ने,
ये मेरा घर है मेरी ज़ान, मुफ्त की सराय थोड़ी है.
कुछ तो अपने भी शामिल है, वतन तोड़ने में,
अब ये कन्हैया और रविश मुसलमान थोड़ी है.
नहीं शामिल है तुम्हारा खून इस मिट्टी में, ये तुम्हारे बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है.
यकीनन किरायेदार ही मालूम पड़ते हैं ये,इस मुल्क में,
यूं बेमुरव्वत अपना ही मकान, कोई जलाता थोड़े है.
सभी का खून शामिल था यहाँ की मिट्टी में, हम अनजान थोड़े हैं.
किंतु जिनके अब्बा ले चुके पाकिस्तान,
अब उनका हिंदुस्तान थोड़े है...
साभार:- स्व. बेचैन मधुपुरी

Friday, 23 August 2024

 

हिंदुस्तानमें आजादीके बादकी  पहली फेमिली फर्जी फेमिली फ्रॉड फेमिली डकैत फेमिली ऐयास फेमिली 
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न जात न भात न कोई रियल पूर्वज वंशज न अकोइ रियल खानदान
फिर भी देश पर ६० से ७० सालोसे कब्जा जमाये बैठे है देश को लुटते
लुटवाते है देश को बांटते बटवाते है देश को टुकडोमे बेचते है बेचवाते है 
यहासे लूटकर विदेशोंमें अपने अपने पूर्वजोंके देशमे और दूसरे देशमो 
संपत्ति जमाते है और इस देश को अपनी जायदात समझते है लोगोको 
अपने गुलाम और बुद्धू समझते है हमारे देशकी बद किस्मत तो जुओ 
की यहकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग अपनों को छोड़के विदेशियोकि गुलामी 
करनेको अपना सबकुश न्योछावर कर देते है और कर दिया है कई  लोगोने 
तो अपनी जान बान शान अपनी इज्जत भी बेच दी है और गुलामी करनेमे 
अपनेको बड़ा और काबिल समझते है कोई एक सत्ता या संपत्ति या किसी 
मामूली लाभके लिए सबकुछ सोप देते है और सोप दिया है ऐसे लोगोको 
उनकी अपनी जिनगी उनके हवाले कर दी है ये लोग इस्लामिक कल्चर 
और वामपंथी और कोम्युनिष्ठ कल्चर में देश को और देशके लोगोको 
कन्वर्जन करते आये है यहाकि हिन्दू सनातनी संस्कृतिको और यहाकि 
हिन्दू सनातनी सखावतको नष्ट करनेमे उनको पूरा साथ सगकार और 
खुदको भी बदल दिया है वैसे लोगोके हाथमे सत्ता होने से यहाकि मिटटी 
में पैदा हुए लोग ऐ मजबूर और दया जनक परिस्थितिमे रहते आये है यहाकी 
सभी तरहकी रीत रिवाज रस्म को खत्म करनेमे लगे है भात भात के नए नए 
तरीकोंसे लोगोको जाती धर्म प्रान्तवाद भाषावाद उच्च नीच ब्राह्मण दलित 
आदिवासी बिछड़े जन जाती ,राजपूत धनि गरीब में बटवारा कर करवाके 
आपसमे वैमनस्य पैदा करके लोगोको मुर्ख बनके उनको आपसमे लडवाके 
टुकड़े कर और करवाके सत्तामे बने रहना चाहते है और इस धराको  टुकडोमे करके व् करवाके बेचना चाहते है फिर यहासे भाग जाएंगे अपने 
अपने मुल्कोमे ये वोही लोग है जो यहाँ डकैती लूट ऐयासी करनेको आये थे 
देशकी यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए लोग जल्दीसे जल्दी समज जाये तो 
रहा सहा हमारा वंशज और उनकी संस्कृति व् इतियास बच जाएगा
यहके इन सभी लोगोसे जो यहाकि मिट्टीमे पैदा हुए है इनसे गुजारिश है 
===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,, २४ / ८ / २०२४   

 मोदी सरकार घसीटती है मारनेसे पहले 

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सरकार जगाती है लोगोको विरोधियोंके कू कार नामोसे 

है यहाँ कुम्ब्करणकी निंदके आदि सौ सनातनी बरसोंसे  


गांधार चुब हार खैबर पूच बलूच नेपाल भूटान खोया तिब्बत

कट्टर पन्थियोकि धोसमे सिकुड़ता जाता रहासहा हिन्दुस्तान    


डच वलान्दा शक हूण मुग़ल अंग्रेज सबने लुटा किया कंगाल 

जो भी आया मारता दबाता घसीटता फिरभी ज़िंदा हिन्दुस्तान


इस धराकी मिट्टीमे कई युग पुरुषोंकी आहुति पनपती निदान 

सहिष्णुताका शिकार ? या ना मर्द है कैसी गठरी हिन्दुस्तान ?


ऐयास जिहादी डकैत लुटेरे लुटते नजरोके सामने धन दौलत इज्जत        

अनेक जाती रीती रसममें हिन्दू बटा फिरभी ज़िंदा कैसा हिन्दुस्तान ?

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,१९ / ८ / २०२४ 

 हिन्दुस्तान के सनातनी हिन्दू कबतक ये मुगलोंके वंशजोंकी गुलामी करेंगे ?

====================

इस देशमे आये हुए डकैत लुटेरे ऐयास और अराजकतावादी निति नियमोंको दुश्मन राक्षसी मनोवृत्तिवाले मुगलोंके वंशज है जो यहाँ अपने लोगो द्वारा अपनोको गुलाम बनाये है, उनका मैंन और बड़ा शश्त्र यानि 

हथियार यहाके जयचंद है उन कुछ जयचंदो के सहारे पूरी खोंग्रेस पार्टी 

बनाई है खड़ी की है ये यहाके निवासी सनातनी हिन्दू कुछ सत्ता सम्पत्तिके 

टुकडोके लिए अपने जमीर बेच रहे है और उनकी अपनी आनेवाले पढियोंको गुलमिके फ़ंदेमे डाल रहे है जितने भी हिन्दू सनातनी कोंग्रेसी है 

सभी के सभी गुलाम सत्ता संपत्ति के लोभी लालची है जो पुरे हिन्दुस्तनके 

सनातनियोके दलाल बने हुए है एजेंट ब्रोकर व् देश द्रोही बने हुए है जो इस 

खानदानकी गुलामी करते आये है ये विदेशी है और विदेषियोंके सहारे देशको लूटना और लुटवाना चाहता है इन्होने अपने निजी संस्थानोंमें जैसेकि नहेरु , राजिव गाँधी फ़ाउंडेशनमे या उनकी निजी संथानम कितने 

ओबेसी या दलित या आदिवसीको स्थान दिया है  ? कितने दलितोको बिछडोंको आदिवासी को या ओबेसिको अपने निजी संस्थानोंमें पद दिया है ? नहीं दिया है क्यों ? और ये लोग यहाके बिछड़ोकी आदिवासियोंकी ओबिसियोकि दलितोकि पंचायत करते है ? क्यों ? अपने घरमे किसको 

बुलाके स्थान दिया है ? ये अपनेको बड़ा और महान समझते है और ऐसेही 

हिंदुस्तानके लोगो पर राजकरना चाहते है ये लोगोकी कौनसी जाती है कौनसा धर्म है सबी छुपाते है वो जाहिर नहीं करते और इस देश के लोगोकी जाती धर्म पूछते रहते है और उनको आपसमे लड़वाते है वो भी 

अपने यहाके हिन्दू जय्चन्दोके सहारे जागो , जागो सनातनी हिन्दुओ जागो 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,, १८ /८ २०२४     

 हिन्दुस्तान के सनातनी हिन्दू कबतक ये मुगलोंके वंशजोंकी गुलामी करेंगे ?

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इस देशमे आये हुए डकैत लुटेरे ऐयास और अराजकतावादी निति नियमोंको दुश्मन राक्षसी मनोवृत्तिवाले मुगलोंके वंशज है जो यहाँ अपने लोगो द्वारा अपनोको गुलाम बनाये है, उनका मैंन और बड़ा शश्त्र यानि 

हथियार यहाके जयचंद है उन कुछ जयचंदो के सहारे पूरी खोंग्रेस पार्टी 

बनाई है खड़ी की है ये यहाके निवासी सनातनी हिन्दू कुछ सत्ता सम्पत्तिके 

टुकडोके लिए अपने जमीर बेच रहे है और उनकी अपनी आनेवाले पढियोंको गुलमिके फ़ंदेमे डाल रहे है जितने भी हिन्दू सनातनी कोंग्रेसी है 

सभी के सभी गुलाम सत्ता संपत्ति के लोभी लालची है जो पुरे हिन्दुस्तनके 

सनातनियोके दलाल बने हुए है एजेंट ब्रोकर व् देश द्रोही बने हुए है जो इस 

खानदानकी गुलामी करते आये है ये विदेशी है और विदेषियोंके सहारे देशको लूटना और लुटवाना चाहता है इन्होने अपने निजी संस्थानोंमें जैसेकि नहेरु , राजिव गाँधी फ़ाउंडेशनमे या उनकी निजी संथानम कितने 

ओबेसी या दलित या आदिवसीको स्थान दिया है  ? कितने दलितोको बिछडोंको आदिवासी को या ओबेसिको अपने निजी संस्थानोंमें पद दिया है ? नहीं दिया है क्यों ? और ये लोग यहाके बिछड़ोकी आदिवासियोंकी ओबिसियोकि दलितोकि पंचायत करते है ? क्यों ? अपने घरमे किसको 

बुलाके स्थान दिया है ? ये अपनेको बड़ा और महान समझते है और ऐसेही 

हिंदुस्तानके लोगो पर राजकरना चाहते है ये लोगोकी कौनसी जाती है कौनसा धर्म है सबी छुपाते है वो जाहिर नहीं करते और इस देश के लोगोकी जाती धर्म पूछते रहते है और उनको आपसमे लड़वाते है वो भी 

अपने यहाके हिन्दू जय्चन्दोके सहारे जागो , जागो सनातनी हिन्दुओ जागो 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,, १८ /८ २०२४     

 हिन्दुस्तान के सनातनी हिन्दू कबतक ये मुगलोंके वंशजोंकी गुलामी करेंगे ?

====================

इस देशमे आये हुए डकैत लुटेरे ऐयास और अराजकतावादी निति नियमोंको दुश्मन राक्षसी मनोवृत्तिवाले मुगलोंके वंशज है जो यहाँ अपने लोगो द्वारा अपनोको गुलाम बनाये है, उनका मैंन और बड़ा शश्त्र यानि 

हथियार यहाके जयचंद है उन कुछ जयचंदो के सहारे पूरी खोंग्रेस पार्टी 

बनाई है खड़ी की है ये यहाके निवासी सनातनी हिन्दू कुछ सत्ता सम्पत्तिके 

टुकडोके लिए अपने जमीर बेच रहे है और उनकी अपनी आनेवाले पढियोंको गुलमिके फ़ंदेमे डाल रहे है जितने भी हिन्दू सनातनी कोंग्रेसी है 

सभी के सभी गुलाम सत्ता संपत्ति के लोभी लालची है जो पुरे हिन्दुस्तनके 

सनातनियोके दलाल बने हुए है एजेंट ब्रोकर व् देश द्रोही बने हुए है जो इस 

खानदानकी गुलामी करते आये है ये विदेशी है और विदेषियोंके सहारे देशको लूटना और लुटवाना चाहता है इन्होने अपने निजी संस्थानोंमें जैसेकि नहेरु , राजिव गाँधी फ़ाउंडेशनमे या उनकी निजी संथानम कितने 

ओबेसी या दलित या आदिवसीको स्थान दिया है  ? कितने दलितोको बिछडोंको आदिवासी को या ओबेसिको अपने निजी संस्थानोंमें पद दिया है ? नहीं दिया है क्यों ? और ये लोग यहाके बिछड़ोकी आदिवासियोंकी ओबिसियोकि दलितोकि पंचायत करते है ? क्यों ? अपने घरमे किसको 

बुलाके स्थान दिया है ? ये अपनेको बड़ा और महान समझते है और ऐसेही 

हिंदुस्तानके लोगो पर राजकरना चाहते है ये लोगोकी कौनसी जाती है कौनसा धर्म है सबी छुपाते है वो जाहिर नहीं करते और इस देश के लोगोकी जाती धर्म पूछते रहते है और उनको आपसमे लड़वाते है वो भी 

अपने यहाके हिन्दू जय्चन्दोके सहारे जागो , जागो सनातनी हिन्दुओ जागो 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,, १८ /८ २०२४     

 हिन्दुस्तान के सनातनी हिन्दू कबतक ये मुगलोंके वंशजोंकी गुलामी करेंगे ?

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इस देशमे आये हुए डकैत लुटेरे ऐयास और अराजकतावादी निति नियमोंको दुश्मन राक्षसी मनोवृत्तिवाले मुगलोंके वंशज है जो यहाँ अपने लोगो द्वारा अपनोको गुलाम बनाये है, उनका मैंन और बड़ा शश्त्र यानि 

हथियार यहाके जयचंद है उन कुछ जयचंदो के सहारे पूरी खोंग्रेस पार्टी 

बनाई है खड़ी की है ये यहाके निवासी सनातनी हिन्दू कुछ सत्ता सम्पत्तिके 

टुकडोके लिए अपने जमीर बेच रहे है और उनकी अपनी आनेवाले पढियोंको गुलमिके फ़ंदेमे डाल रहे है जितने भी हिन्दू सनातनी कोंग्रेसी है 

सभी के सभी गुलाम सत्ता संपत्ति के लोभी लालची है जो पुरे हिन्दुस्तनके 

सनातनियोके दलाल बने हुए है एजेंट ब्रोकर व् देश द्रोही बने हुए है जो इस 

खानदानकी गुलामी करते आये है ये विदेशी है और विदेषियोंके सहारे देशको लूटना और लुटवाना चाहता है इन्होने अपने निजी संस्थानोंमें जैसेकि नहेरु , राजिव गाँधी फ़ाउंडेशनमे या उनकी निजी संथानम कितने 

ओबेसी या दलित या आदिवसीको स्थान दिया है  ? कितने दलितोको बिछडोंको आदिवासी को या ओबेसिको अपने निजी संस्थानोंमें पद दिया है ? नहीं दिया है क्यों ? और ये लोग यहाके बिछड़ोकी आदिवासियोंकी ओबिसियोकि दलितोकि पंचायत करते है ? क्यों ? अपने घरमे किसको 

बुलाके स्थान दिया है ? ये अपनेको बड़ा और महान समझते है और ऐसेही 

हिंदुस्तानके लोगो पर राजकरना चाहते है ये लोगोकी कौनसी जाती है कौनसा धर्म है सबी छुपाते है वो जाहिर नहीं करते और इस देश के लोगोकी जाती धर्म पूछते रहते है और उनको आपसमे लड़वाते है वो भी 

अपने यहाके हिन्दू जय्चन्दोके सहारे जागो , जागो सनातनी हिन्दुओ जागो 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,, १८ /८ २०२४     

 हिन्दुस्तान के सनातनी हिन्दू कबतक ये मुगलोंके वंशजोंकी गुलामी करेंगे ?

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इस देशमे आये हुए डकैत लुटेरे ऐयास और अराजकतावादी निति नियमोंको दुश्मन राक्षसी मनोवृत्तिवाले मुगलोंके वंशज है जो यहाँ अपने लोगो द्वारा अपनोको गुलाम बनाये है, उनका मैंन और बड़ा शश्त्र यानि 

हथियार यहाके जयचंद है उन कुछ जयचंदो के सहारे पूरी खोंग्रेस पार्टी 

बनाई है खड़ी की है ये यहाके निवासी सनातनी हिन्दू कुछ सत्ता सम्पत्तिके 

टुकडोके लिए अपने जमीर बेच रहे है और उनकी अपनी आनेवाले पढियोंको गुलमिके फ़ंदेमे डाल रहे है जितने भी हिन्दू सनातनी कोंग्रेसी है 

सभी के सभी गुलाम सत्ता संपत्ति के लोभी लालची है जो पुरे हिन्दुस्तनके 

सनातनियोके दलाल बने हुए है एजेंट ब्रोकर व् देश द्रोही बने हुए है जो इस 

खानदानकी गुलामी करते आये है ये विदेशी है और विदेषियोंके सहारे देशको लूटना और लुटवाना चाहता है इन्होने अपने निजी संस्थानोंमें जैसेकि नहेरु , राजिव गाँधी फ़ाउंडेशनमे या उनकी निजी संथानम कितने 

ओबेसी या दलित या आदिवसीको स्थान दिया है  ? कितने दलितोको बिछडोंको आदिवासी को या ओबेसिको अपने निजी संस्थानोंमें पद दिया है ? नहीं दिया है क्यों ? और ये लोग यहाके बिछड़ोकी आदिवासियोंकी ओबिसियोकि दलितोकि पंचायत करते है ? क्यों ? अपने घरमे किसको 

बुलाके स्थान दिया है ? ये अपनेको बड़ा और महान समझते है और ऐसेही 

हिंदुस्तानके लोगो पर राजकरना चाहते है ये लोगोकी कौनसी जाती है कौनसा धर्म है सबी छुपाते है वो जाहिर नहीं करते और इस देश के लोगोकी जाती धर्म पूछते रहते है और उनको आपसमे लड़वाते है वो भी 

अपने यहाके हिन्दू जय्चन्दोके सहारे जागो , जागो सनातनी हिन्दुओ जागो 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,, १८ /८ २०२४     

 हिन्दुस्तान के सनातनी हिन्दू कबतक ये मुगलोंके वंशजोंकी गुलामी करेंगे ?

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इस देशमे आये हुए डकैत लुटेरे ऐयास और अराजकतावादी निति नियमोंको दुश्मन राक्षसी मनोवृत्तिवाले मुगलोंके वंशज है जो यहाँ अपने लोगो द्वारा अपनोको गुलाम बनाये है, उनका मैंन और बड़ा शश्त्र यानि 

हथियार यहाके जयचंद है उन कुछ जयचंदो के सहारे पूरी खोंग्रेस पार्टी 

बनाई है खड़ी की है ये यहाके निवासी सनातनी हिन्दू कुछ सत्ता सम्पत्तिके 

टुकडोके लिए अपने जमीर बेच रहे है और उनकी अपनी आनेवाले पढियोंको गुलमिके फ़ंदेमे डाल रहे है जितने भी हिन्दू सनातनी कोंग्रेसी है 

सभी के सभी गुलाम सत्ता संपत्ति के लोभी लालची है जो पुरे हिन्दुस्तनके 

सनातनियोके दलाल बने हुए है एजेंट ब्रोकर व् देश द्रोही बने हुए है जो इस 

खानदानकी गुलामी करते आये है ये विदेशी है और विदेषियोंके सहारे देशको लूटना और लुटवाना चाहता है इन्होने अपने निजी संस्थानोंमें जैसेकि नहेरु , राजिव गाँधी फ़ाउंडेशनमे या उनकी निजी संथानम कितने 

ओबेसी या दलित या आदिवसीको स्थान दिया है  ? कितने दलितोको बिछडोंको आदिवासी को या ओबेसिको अपने निजी संस्थानोंमें पद दिया है ? नहीं दिया है क्यों ? और ये लोग यहाके बिछड़ोकी आदिवासियोंकी ओबिसियोकि दलितोकि पंचायत करते है ? क्यों ? अपने घरमे किसको 

बुलाके स्थान दिया है ? ये अपनेको बड़ा और महान समझते है और ऐसेही 

हिंदुस्तानके लोगो पर राजकरना चाहते है ये लोगोकी कौनसी जाती है कौनसा धर्म है सबी छुपाते है वो जाहिर नहीं करते और इस देश के लोगोकी जाती धर्म पूछते रहते है और उनको आपसमे लड़वाते है वो भी 

अपने यहाके हिन्दू जय्चन्दोके सहारे जागो , जागो सनातनी हिन्दुओ जागो 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,, १८ /८ २०२४     

 हिन्दुस्तान के सनातनी हिन्दू कबतक ये मुगलोंके वंशजोंकी गुलामी करेंगे ?

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इस देशमे आये हुए डकैत लुटेरे ऐयास और अराजकतावादी निति नियमोंको दुश्मन राक्षसी मनोवृत्तिवाले मुगलोंके वंशज है जो यहाँ अपने लोगो द्वारा अपनोको गुलाम बनाये है, उनका मैंन और बड़ा शश्त्र यानि 

हथियार यहाके जयचंद है उन कुछ जयचंदो के सहारे पूरी खोंग्रेस पार्टी 

बनाई है खड़ी की है ये यहाके निवासी सनातनी हिन्दू कुछ सत्ता सम्पत्तिके 

टुकडोके लिए अपने जमीर बेच रहे है और उनकी अपनी आनेवाले पढियोंको गुलमिके फ़ंदेमे डाल रहे है जितने भी हिन्दू सनातनी कोंग्रेसी है 

सभी के सभी गुलाम सत्ता संपत्ति के लोभी लालची है जो पुरे हिन्दुस्तनके 

सनातनियोके दलाल बने हुए है एजेंट ब्रोकर व् देश द्रोही बने हुए है जो इस 

खानदानकी गुलामी करते आये है ये विदेशी है और विदेषियोंके सहारे देशको लूटना और लुटवाना चाहता है इन्होने अपने निजी संस्थानोंमें जैसेकि नहेरु , राजिव गाँधी फ़ाउंडेशनमे या उनकी निजी संथानम कितने 

ओबेसी या दलित या आदिवसीको स्थान दिया है  ? कितने दलितोको बिछडोंको आदिवासी को या ओबेसिको अपने निजी संस्थानोंमें पद दिया है ? नहीं दिया है क्यों ? और ये लोग यहाके बिछड़ोकी आदिवासियोंकी ओबिसियोकि दलितोकि पंचायत करते है ? क्यों ? अपने घरमे किसको 

बुलाके स्थान दिया है ? ये अपनेको बड़ा और महान समझते है और ऐसेही 

हिंदुस्तानके लोगो पर राजकरना चाहते है ये लोगोकी कौनसी जाती है कौनसा धर्म है सबी छुपाते है वो जाहिर नहीं करते और इस देश के लोगोकी जाती धर्म पूछते रहते है और उनको आपसमे लड़वाते है वो भी 

अपने यहाके हिन्दू जय्चन्दोके सहारे जागो , जागो सनातनी हिन्दुओ जागो 

===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,, १८ /८ २०२४

 लहेरु खानदान व् उनका वंशज आउल गंधी अँधेरी नगरी गांडू राजा

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ये आउल गंधी और उसके पूर्वज इस देशके अँधेरी नगरी व् गांडू राजा  
की तरह इस देशको लुटा डकैत की तरह पूरा खानदान बना है जयचंद व् 
मीरजाफर पैदा करनेकी फैक्ट्री यहाके सत्ता संपत्ति पिपासु ,लोभी व् ऐयासी 
लोगोका झुंड इकठ्ठा किया है उन्होंने देशमे ऐसे जयचंद व् मिर्जाफरोको 
इकठ्ठा करके  अपनी सत्ता जमाई और देशकी संपत्ति लूटी विदेशमे उठा ले 
गए है अभी भी ये लोग विदेशियोंके सहारे और यहाके जयचंदो मीरजाफरों 
द्वारा दजला टुकड़ा करनेमे लगे है उससे फिर से आने वाले कुछ समय तक देशको लूटनेका प्लान बना रहे है सनातनी सहिष्णु हिन्दुओंकी कमजोरिकी नस परख गए है और इस से देशमे जातिवाद ,धर्मवाद, प्रांतवाद ,उच्च नीच ,दलित सवर्ण ,ओबीसी और ऐसे अनेक रीतिसे यहाके 
लोगोमे भरम , वैमनस्य पैदा करके आपसमे लडवाके देशका टुकड़ा करनेमे लगे है ,जैसेकि पुरानी एक कहानी है दो बिल्ली और बंदर की 
जो रोटीके टुकड़ेको बॉटनेको बंदरके पास जाती है और वो बंदर तराजुमे 
तोलता है दो टुकड़ा करके उस वक्त ये बंदर एक बड़ा व् दुसरा छोटा टुकड़ा बनाके तराजुमे तोलता है और दो बिल्लियोमे न्यायका नाटक करता है  जैसे एक पल्ला भारी होता है तो उसमेसे एक टुकड़ा निकल के खा जाता है बादमे तोलता हैतो दुसरा पल्ला भारी होता है फिर उसमेसे टुकड़ा निकल के खा जाता है ठीक वैसे ही करता जाता है और पूरी रोटी खा जाता है और ये दो बिल्लियों भूखी मर जाती ही या रहा जाती है ठीक वैसे ही 
ये लहेरु वंशजन देशमे ऐसे गेम में डूबे है और विदेशियोंको भी उसमे शामिल किये है यहाँ के जयचंद ,व् मीरजाफर  उनकी शल कपट की 
गेममें  पूरा साथ व् सहकार  दे रहे है ,हिन्दुओ जागो जागो नहीतो आप 
सबकुछ लुटा देंगे बादमे चिड़िया चूक गई खेत फिर पछताने से क्या होगा ?
जागो सनातनी हिन्दुओ जागो ,, जयहिन्द ,,, जय माँ भारती ,,,,,
===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,,,१७ /८/२०२४   

 लहेरु खानदान व् उनका वंशज आउल गंधी अँधेरी नगरी गांडू राजा

==================
ये आउल गंधी और उसके पूर्वज इस देशके अँधेरी नगरी व् गांडू राजा  
की तरह इस देशको लुटा डकैत की तरह पूरा खानदान बना है जयचंद व् 
मीरजाफर पैदा करनेकी फैक्ट्री यहाके सत्ता संपत्ति पिपासु ,लोभी व् ऐयासी 
लोगोका झुंड इकठ्ठा किया है उन्होंने देशमे ऐसे जयचंद व् मिर्जाफरोको 
इकठ्ठा करके  अपनी सत्ता जमाई और देशकी संपत्ति लूटी विदेशमे उठा ले 
गए है अभी भी ये लोग विदेशियोंके सहारे और यहाके जयचंदो मीरजाफरों 
द्वारा दजला टुकड़ा करनेमे लगे है उससे फिर से आने वाले कुछ समय तक देशको लूटनेका प्लान बना रहे है सनातनी सहिष्णु हिन्दुओंकी कमजोरिकी नस परख गए है और इस से देशमे जातिवाद ,धर्मवाद, प्रांतवाद ,उच्च नीच ,दलित सवर्ण ,ओबीसी और ऐसे अनेक रीतिसे यहाके 
लोगोमे भरम , वैमनस्य पैदा करके आपसमे लडवाके देशका टुकड़ा करनेमे लगे है ,जैसेकि पुरानी एक कहानी है दो बिल्ली और बंदर की 
जो रोटीके टुकड़ेको बॉटनेको बंदरके पास जाती है और वो बंदर तराजुमे 
तोलता है दो टुकड़ा करके उस वक्त ये बंदर एक बड़ा व् दुसरा छोटा टुकड़ा बनाके तराजुमे तोलता है और दो बिल्लियोमे न्यायका नाटक करता है  जैसे एक पल्ला भारी होता है तो उसमेसे एक टुकड़ा निकल के खा जाता है बादमे तोलता हैतो दुसरा पल्ला भारी होता है फिर उसमेसे टुकड़ा निकल के खा जाता है ठीक वैसे ही करता जाता है और पूरी रोटी खा जाता है और ये दो बिल्लियों भूखी मर जाती ही या रहा जाती है ठीक वैसे ही 
ये लहेरु वंशजन देशमे ऐसे गेम में डूबे है और विदेशियोंको भी उसमे शामिल किये है यहाँ के जयचंद ,व् मीरजाफर  उनकी शल कपट की 
गेममें  पूरा साथ व् सहकार  दे रहे है ,हिन्दुओ जागो जागो नहीतो आप 
सबकुछ लुटा देंगे बादमे चिड़िया चूक गई खेत फिर पछताने से क्या होगा ?
जागो सनातनी हिन्दुओ जागो ,, जयहिन्द ,,, जय माँ भारती ,,,,,
===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,,,१७ /८/२०२४   

Friday, 16 August 2024

 लहेरु खानदान व् उनका वंशज आउल गंधी अँधेरी नगरी गांडू राजा

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ये आउल गंधी और उसके पूर्वज इस देशके अँधेरी नगरी व् गांडू राजा  
की तरह इस देशको लुटा डकैत की तरह पूरा खानदान बना है जयचंद व् 
मीरजाफर पैदा करनेकी फैक्ट्री यहाके सत्ता संपत्ति पिपासु ,लोभी व् ऐयासी 
लोगोका झुंड इकठ्ठा किया है उन्होंने देशमे ऐसे जयचंद व् मिर्जाफरोको 
इकठ्ठा करके  अपनी सत्ता जमाई और देशकी संपत्ति लूटी विदेशमे उठा ले 
गए है अभी भी ये लोग विदेशियोंके सहारे और यहाके जयचंदो मीरजाफरों 
द्वारा दजला टुकड़ा करनेमे लगे है उससे फिर से आने वाले कुछ समय तक देशको लूटनेका प्लान बना रहे है सनातनी सहिष्णु हिन्दुओंकी कमजोरिकी नस परख गए है और इस से देशमे जातिवाद ,धर्मवाद, प्रांतवाद ,उच्च नीच ,दलित सवर्ण ,ओबीसी और ऐसे अनेक रीतिसे यहाके 
लोगोमे भरम , वैमनस्य पैदा करके आपसमे लडवाके देशका टुकड़ा करनेमे लगे है ,जैसेकि पुरानी एक कहानी है दो बिल्ली और बंदर की 
जो रोटीके टुकड़ेको बॉटनेको बंदरके पास जाती है और वो बंदर तराजुमे 
तोलता है दो टुकड़ा करके उस वक्त ये बंदर एक बड़ा व् दुसरा छोटा टुकड़ा बनाके तराजुमे तोलता है और दो बिल्लियोमे न्यायका नाटक करता है  जैसे एक पल्ला भारी होता है तो उसमेसे एक टुकड़ा निकल के खा जाता है बादमे तोलता हैतो दुसरा पल्ला भारी होता है फिर उसमेसे टुकड़ा निकल के खा जाता है ठीक वैसे ही करता जाता है और पूरी रोटी खा जाता है और ये दो बिल्लियों भूखी मर जाती ही या रहा जाती है ठीक वैसे ही 
ये लहेरु वंशजन देशमे ऐसे गेम में डूबे है और विदेशियोंको भी उसमे शामिल किये है यहाँ के जयचंद ,व् मीरजाफर  उनकी शल कपट की 
गेममें  पूरा साथ व् सहकार  दे रहे है ,हिन्दुओ जागो जागो नहीतो आप 
सबकुछ लुटा देंगे बादमे चिड़िया चूक गई खेत फिर पछताने से क्या होगा ?
जागो सनातनी हिन्दुओ जागो ,, जयहिन्द ,,, जय माँ भारती ,,,,,
===प्रहलादभाई  प्रजापति ,,,,,,१७ /८/२०२४   

 आउल गंधी और बारबाला डांसर

================

चरसी गजेबाद और देशका दुश्मन आउल गंधी जो लहेरु का वंशज है

ये डकैत लुटेरे ऐयासी मुगलोंके खानदानी वंशज है इस देशको लोगोको

घुमराह करके अपनी जयचन्दोंको और मिर्जाफरोको फैक्ट्री बनाके देशको तोड़ते है लुटाते लुटते है इनको विदेशियोंके सहारे देशकी सत्ता

चाहिए जो आज सच्चा हिन्दू सनातनी इनको और उनकी साजिस समज

गए है अब इनको पाठ पढ़ाना ही होगा

 आउल गंधी और बारबाला डांसर

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चरसी गजेबाद और देशका दुश्मन आउल गंधी जो लहेरु का वंशज है

ये डकैत लुटेरे ऐयासी मुगलोंके खानदानी वंशज है इस देशको लोगोको

घुमराह करके अपनी जयचन्दोंको और मिर्जाफरोको फैक्ट्री बनाके देशको तोड़ते है लुटाते लुटते है इनको विदेशियोंके सहारे देशकी सत्ता

चाहिए जो आज सच्चा हिन्दू सनातनी इनको और उनकी साजिस समज

गए है अब इनको पाठ पढ़ाना ही होगा

 आउल गंधी और बारबाला डांसर

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चरसी गजेबाद और देशका दुश्मन आउल गंधी जो लहेरु का वंशज है

ये डकैत लुटेरे ऐयासी मुगलोंके खानदानी वंशज है इस देशको लोगोको

घुमराह करके अपनी जयचन्दोंको और मिर्जाफरोको फैक्ट्री बनाके देशको तोड़ते है लुटाते लुटते है इनको विदेशियोंके सहारे देशकी सत्ता

चाहिए जो आज सच्चा हिन्दू सनातनी इनको और उनकी साजिस समज

गए है अब इनको पाठ पढ़ाना ही होगा

  आउल गंधी और बारबाला डांसर 

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चरसी गजेबाद और देशका दुश्मन आउल गंधी जो लहेरु का वंशज है 

ये डकैत लुटेरे ऐयासी मुगलोंके खानदानी वंशज है इस देशको लोगोको 

घुमराह करके अपनी  जयचन्दोंको और मिर्जाफरोको फैक्ट्री बनाके देशको तोड़ते है लुटाते लुटते है इनको विदेशियोंके सहारे देशकी सत्ता 

चाहिए जो आज सच्चा हिन्दू सनातनी इनको और उनकी साजिस समज 

गए है अब इनको पाठ पढ़ाना ही होगा  

Monday, 12 August 2024

  आउल गंधी और बारबाला डांसर 

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चरसी गजेबाद और देशका दुश्मन आउल गंधी जो लहेरु का वंशज है 

ये डकैत लुटेरे ऐयासी मुगलोंके खानदानी वंशज है इस देशको लोगोको 

घुमराह करके अपनी  जयचन्दोंको और मिर्जाफरोको फैक्ट्री बनाके देशको तोड़ते है लुटाते लुटते है इनको विदेशियोंके सहारे देशकी सत्ता 

चाहिए जो आज सच्चा हिन्दू सनातनी इनको और उनकी साजिस समज 

गए है अब इनको पाठ पढ़ाना ही होगा  

 


विदेशी है और विदेशियोंके सहारे देश पर राज करता आरहा है ये नहेरु नकली गाँधी परिवार यहा नए जयचंद पैदाकिये  और देशको लुटा लुटवाया 

=====================

मुग़ल ,औरंगजेब ,घोरी,अकबर ,बाबर ,तैमूर,टीपू ,चंगीजखां ,अजमेर सरीफ + फादर व् वेटिकनिके नए अवतार के रूपमे पैदा आउल गंधी

सभी के सभी हिन्दुस्तानमें डकैत ,लुटेरे ऐयासी,जिहादीयोंके रूपमे आये थे

जिन्होंने यहके जय्चन्दोके सहारे कई मिर्जाफ पैदा किये और कई जयचंद

पैदा किये और ये सभीने हिन्दू सनातनिको व् उसकी सखावत रीत रस्म

परम्परा को लुटा है और उसको तोड़नेकी हर कोशिश की है हिन्दुओको

जातिमे बांटा है प्रदेश वाद भाषावाद और उन्स्की संकृतिको हर तरफसे

तोड़ी है लूटी है और सम्पत्तिको हथियाई है ये लहेरु वंशज अपनी पढ़ी दर

पढ़ी इस देशको अपनी जागीर समज बैठे है और अपना परिवारवाद थोपा

है ठिक वैसे ही दूसरे जयचन्दोंको भी परवारवाद तब्दील करके उनके

सहारे उनको अपना राजकीय गुलाम बनाके देशको हिन्दुओको उनकी

सत्ता संपत्ति व् संस्कृति लूटी है देशके लोगोको दलितो,आदिवासिलोगोंको

बिषडोको अपना हाथा बनाके उनको कुछ सम्पाती और सत्ताका टुकड़ा

फेकके उनका अपना गुलाम बनाया है ब्रिटिश भाषामे बोलेटो उनको

अपना वाइस रॉय बनाके हिंदुस्तान पर कब्जा जमाया है और देशकी हिन्दू

संस्कृतिको खत्म करनेकी हर कोशिश की है कन्वर्जन के रूपमे देशकी

गरीब प्रजाको अपना हथियार बनाया है अब हिंदुको थोड़ी थोड़ी समाज

आने लगी है उन्होंने कई हिन्दू धर्मगुरु और साधू संतोको भी परीक्ष रूपमे

अपने गर्भित वाइसरॉय यानी गुलाम बनके हिन्दू धर्मको परोक्ष रीतिसे

हानि पहुंचाई है हमारे कई हिन्दू बाबा ,बापू ,संत व् आचर्य भी उनके जासेमे

आ गये है लोक सभामे आउल गाँधी हिन्दुओको भरी सभामे अपमानित

करता है हिन्दुओको गाली देता है हिन्दुओको आतंकवादी बोलता है धर्मका

और हमारे आराध्य देवोंका अपमान करता है भीड़ भी हमारे शंकराचार्योंके

मुहमे दही जम गया है पुरे दिनमें चार पांच बार राबड़ी पि के ऐशो आराम

करते है लेकिन ऐसे लोगोको कुछ न बोलके उनको परोक्ष रीतसे साथ देते है

ये लोग भगवा आतंकवाद बोलके पुरे हिन्दू समाजको बदनाम करनेमे लगे है

हिंदुस्तानका टुकड़ा कतनेको हर कोशिश करनेमे लगे है ये नए

आधुनिक लुटेरोसे डकैटोसे जिदियोंसे विदेशियोसे देश के लोग सावधान रहे

ये वोही लोगोके वंशज् है जे देशको लुटेनको आये थे और यहां जम गए है

जागो हिन्दू जागो ,,,,,,,,हिन्दू सनातनियो जागो अपनी संस्कृतिको बचाओ

===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,,,,, ७ / ५ / २०२४

Sunday, 11 August 2024

 विदेशी है और विदेशियोंके सहारे देश पर राज करता आरहा है ये नहेरु नकली गाँधी परिवार यहा नए जयचंद पैदाकिये  और देशको लुटा लुटवाया 

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मुग़ल ,औरंगजेब ,घोरी,अकबर ,बाबर ,तैमूर,टीपू ,चंगीजखां ,अजमेर सरीफ + फादर व् वेटिकनिके नए अवतार के रूपमे पैदा आउल गंधी

सभी के सभी हिन्दुस्तानमें डकैत ,लुटेरे ऐयासी,जिहादीयोंके रूपमे आये थे

जिन्होंने यहके जय्चन्दोके सहारे कई मिर्जाफ पैदा किये और कई जयचंद

पैदा किये और ये सभीने हिन्दू सनातनिको व् उसकी सखावत रीत रस्म

परम्परा को लुटा है और उसको तोड़नेकी हर कोशिश की है हिन्दुओको

जातिमे बांटा है प्रदेश वाद भाषावाद और उन्स्की संकृतिको हर तरफसे

तोड़ी है लूटी है और सम्पत्तिको हथियाई है ये लहेरु वंशज अपनी पढ़ी दर

पढ़ी इस देशको अपनी जागीर समज बैठे है और अपना परिवारवाद थोपा

है ठिक वैसे ही दूसरे जयचन्दोंको भी परवारवाद तब्दील करके उनके

सहारे उनको अपना राजकीय गुलाम बनाके देशको हिन्दुओको उनकी

सत्ता संपत्ति व् संस्कृति लूटी है देशके लोगोको दलितो,आदिवासिलोगोंको

बिषडोको अपना हाथा बनाके उनको कुछ सम्पाती और सत्ताका टुकड़ा

फेकके उनका अपना गुलाम बनाया है ब्रिटिश भाषामे बोलेटो उनको

अपना वाइस रॉय बनाके हिंदुस्तान पर कब्जा जमाया है और देशकी हिन्दू

संस्कृतिको खत्म करनेकी हर कोशिश की है कन्वर्जन के रूपमे देशकी

गरीब प्रजाको अपना हथियार बनाया है अब हिंदुको थोड़ी थोड़ी समाज

आने लगी है उन्होंने कई हिन्दू धर्मगुरु और साधू संतोको भी परीक्ष रूपमे

अपने गर्भित वाइसरॉय यानी गुलाम बनके हिन्दू धर्मको परोक्ष रीतिसे

हानि पहुंचाई है हमारे कई हिन्दू बाबा ,बापू ,संत व् आचर्य भी उनके जासेमे

आ गये है लोक सभामे आउल गाँधी हिन्दुओको भरी सभामे अपमानित

करता है हिन्दुओको गाली देता है हिन्दुओको आतंकवादी बोलता है धर्मका

और हमारे आराध्य देवोंका अपमान करता है भीड़ भी हमारे शंकराचार्योंके

मुहमे दही जम गया है पुरे दिनमें चार पांच बार राबड़ी पि के ऐशो आराम

करते है लेकिन ऐसे लोगोको कुछ न बोलके उनको परोक्ष रीतसे साथ देते है

ये लोग भगवा आतंकवाद बोलके पुरे हिन्दू समाजको बदनाम करनेमे लगे है

हिंदुस्तानका टुकड़ा कतनेको हर कोशिश करनेमे लगे है ये नए

आधुनिक लुटेरोसे डकैटोसे जिदियोंसे विदेशियोसे देश के लोग सावधान रहे

ये वोही लोगोके वंशज् है जे देशको लुटेनको आये थे और यहां जम गए है

जागो हिन्दू जागो ,,,,,,,,हिन्दू सनातनियो जागो अपनी संस्कृतिको बचाओ

===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,,,,, ७ / ५ / २०२४

 विदेशी है और विदेशियोंके सहारे देश पर राज करता आरहा है ये नहेरु नकली गाँधी परिवार यहा नए जयचंद पैदाकिये  और देशको लुटा लुटवाया 

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मुग़ल ,औरंगजेब ,घोरी,अकबर ,बाबर ,तैमूर,टीपू ,चंगीजखां ,अजमेर सरीफ + फादर व् वेटिकनिके नए अवतार के रूपमे पैदा आउल गंधी

सभी के सभी हिन्दुस्तानमें डकैत ,लुटेरे ऐयासी,जिहादीयोंके रूपमे आये थे

जिन्होंने यहके जय्चन्दोके सहारे कई मिर्जाफ पैदा किये और कई जयचंद

पैदा किये और ये सभीने हिन्दू सनातनिको व् उसकी सखावत रीत रस्म

परम्परा को लुटा है और उसको तोड़नेकी हर कोशिश की है हिन्दुओको

जातिमे बांटा है प्रदेश वाद भाषावाद और उन्स्की संकृतिको हर तरफसे

तोड़ी है लूटी है और सम्पत्तिको हथियाई है ये लहेरु वंशज अपनी पढ़ी दर

पढ़ी इस देशको अपनी जागीर समज बैठे है और अपना परिवारवाद थोपा

है ठिक वैसे ही दूसरे जयचन्दोंको भी परवारवाद तब्दील करके उनके

सहारे उनको अपना राजकीय गुलाम बनाके देशको हिन्दुओको उनकी

सत्ता संपत्ति व् संस्कृति लूटी है देशके लोगोको दलितो,आदिवासिलोगोंको

बिषडोको अपना हाथा बनाके उनको कुछ सम्पाती और सत्ताका टुकड़ा

फेकके उनका अपना गुलाम बनाया है ब्रिटिश भाषामे बोलेटो उनको

अपना वाइस रॉय बनाके हिंदुस्तान पर कब्जा जमाया है और देशकी हिन्दू

संस्कृतिको खत्म करनेकी हर कोशिश की है कन्वर्जन के रूपमे देशकी

गरीब प्रजाको अपना हथियार बनाया है अब हिंदुको थोड़ी थोड़ी समाज

आने लगी है उन्होंने कई हिन्दू धर्मगुरु और साधू संतोको भी परीक्ष रूपमे

अपने गर्भित वाइसरॉय यानी गुलाम बनके हिन्दू धर्मको परोक्ष रीतिसे

हानि पहुंचाई है हमारे कई हिन्दू बाबा ,बापू ,संत व् आचर्य भी उनके जासेमे

आ गये है लोक सभामे आउल गाँधी हिन्दुओको भरी सभामे अपमानित

करता है हिन्दुओको गाली देता है हिन्दुओको आतंकवादी बोलता है धर्मका

और हमारे आराध्य देवोंका अपमान करता है भीड़ भी हमारे शंकराचार्योंके

मुहमे दही जम गया है पुरे दिनमें चार पांच बार राबड़ी पि के ऐशो आराम

करते है लेकिन ऐसे लोगोको कुछ न बोलके उनको परोक्ष रीतसे साथ देते है

ये लोग भगवा आतंकवाद बोलके पुरे हिन्दू समाजको बदनाम करनेमे लगे है

हिंदुस्तानका टुकड़ा कतनेको हर कोशिश करनेमे लगे है ये नए

आधुनिक लुटेरोसे डकैटोसे जिदियोंसे विदेशियोसे देश के लोग सावधान रहे

ये वोही लोगोके वंशज् है जे देशको लुटेनको आये थे और यहां जम गए है

जागो हिन्दू जागो ,,,,,,,,हिन्दू सनातनियो जागो अपनी संस्कृतिको बचाओ

===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,,,,, ७ / ५ / २०२४

 


मुग़ल ,औरंगजेब ,घोरी,अकबर ,बाबर ,तैमूर,टीपू ,चंगीजखां ,अजमेर सरीफ + फादर व् वेटिकनिके नए अवतार के रूपमे पैदा आउल गंधी

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सभी के सभी हिन्दुस्तानमें डकैत ,लुटेरे ऐयासी,जिहादीयोंके रूपमे आये थे

जिन्होंने यहके जय्चन्दोके सहारे कई मिर्जाफ पैदा किये और कई जयचंद

पैदा किये और ये सभीने हिन्दू सनातनिको व् उसकी सखावत रीत रस्म

परम्परा को लुटा है और उसको तोड़नेकी हर कोशिश की है हिन्दुओको

जातिमे बांटा है प्रदेश वाद भाषावाद और उन्स्की संकृतिको हर तरफसे

तोड़ी है लूटी है और सम्पत्तिको हथियाई है ये लहेरु वंशज अपनी पढ़ी दर

पढ़ी इस देशको अपनी जागीर समज बैठे है और अपना परिवारवाद थोपा

है ठिक वैसे ही दूसरे जयचन्दोंको भी परवारवाद तब्दील करके उनके

सहारे उनको अपना राजकीय गुलाम बनाके देशको हिन्दुओको उनकी

सत्ता संपत्ति व् संस्कृति लूटी है देशके लोगोको दलितो,आदिवासिलोगोंको

बिषडोको अपना हाथा बनाके उनको कुछ सम्पाती और सत्ताका टुकड़ा

फेकके उनका अपना गुलाम बनाया है ब्रिटिश भाषामे बोलेटो उनको

अपना वाइस रॉय बनाके हिंदुस्तान पर कब्जा जमाया है और देशकी हिन्दू

संस्कृतिको खत्म करनेकी हर कोशिश की है कन्वर्जन के रूपमे देशकी

गरीब प्रजाको अपना हथियार बनाया है अब हिंदुको थोड़ी थोड़ी समाज

आने लगी है उन्होंने कई हिन्दू धर्मगुरु और साधू संतोको भी परीक्ष रूपमे

अपने गर्भित वाइसरॉय यानी गुलाम बनके हिन्दू धर्मको परोक्ष रीतिसे

हानि पहुंचाई है हमारे कई हिन्दू बाबा ,बापू ,संत व् आचर्य भी उनके जासेमे

आ गये है लोक सभामे आउल गाँधी हिन्दुओको भरी सभामे अपमानित

करता है हिन्दुओको गाली देता है हिन्दुओको आतंकवादी बोलता है धर्मका

और हमारे आराध्य देवोंका अपमान करता है भीड़ भी हमारे शंकराचार्योंके

मुहमे दही जम गया है पुरे दिनमें चार पांच बार राबड़ी पि के ऐशो आराम

करते है लेकिन ऐसे लोगोको कुछ न बोलके उनको परोक्ष रीतसे साथ देते है

ये लोग भगवा आतंकवाद बोलके पुरे हिन्दू समाजको बदनाम करनेमे लगे है

हिंदुस्तानका टुकड़ा कतनेको हर कोशिश करनेमे लगे है ये नए

आधुनिक लुटेरोसे डकैटोसे जिदियोंसे विदेशियोसे देश के लोग सावधान रहे

ये वोही लोगोके वंशज् है जे देशको लुटेनको आये थे और यहां जम गए है

जागो हिन्दू जागो ,,,,,,,,हिन्दू सनातनियो जागो अपनी संस्कृतिको बचाओ

===प्रहलादभाई प्रजापति ,,,,,,,, ७ / ५ / २०२४